दिल्ली- दिल्ली की पटियाला हाउस अदालत ने लाल किला विस्फोट से जुड़े मामले में अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने आरोपी डॉ. बिलाल नसीर मल्ला की एनआईए कस्टडी को सात दिनों के लिए आगे बढ़ा दिया है। वहीं, इस साजिश में मदद करने के आरोपी फरीदाबाद निवासी सोयब को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
जांच एजेंसी के अनुसार, सोयब पर आरोप है कि उसने लाल किला के पास विस्फोट को अंजाम देने वाले आतंकी उमर-उन-नबी को शरण और आवश्यक संसाधन मुहैया कराए थे। आतंकी ने 10 नवंबर को रेड फोर्ट के बाहर एक हुंडई आई20 कार में विस्फोट किया था, जिसमें 15 लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे।
एनआईए का कहना है कि डॉ. बिलाल नसीर मल्ला इस केस में अब तक पकड़ा गया आठवां आरोपी है। वह जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा पहले उजागर किए गए तथाकथित “व्हाइट कॉलर” आतंकी नेटवर्क से जुड़ा हुआ पाया गया है। एजेंसी ने उसे 9 दिसंबर को दिल्ली से गिरफ्तार किया था।
जांच में सामने आया है कि मल्ला ने न केवल उमर-उन-नबी को सुरक्षित ठिकाना उपलब्ध कराया, बल्कि हमले की योजना में सक्रिय भूमिका निभाई। आरोप है कि उसने आतंकी गतिविधियों के सबूत मिटाने में भी मदद की। एनआईए मामले की गहराई से जांच कर रही है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।
