बाहरी दिल्ली। सबसे सुरक्षित माने जाने वाले आईफोन की खराबी का झांसा देकर सैकड़ों एपल उपभोक्ताओं को ठगने का मामला सामने आया है। रोहिणी जिला पुलिस ने बेगमपुर के दीप विहार इलाके में एपल केयर के नाम पर चल रहे फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश कर छह आरोपितों को गिरफ्तार किया है।
आरोपितों की पहचान विष्णु हैदराबाद, शरण देहरादून, जिग्मी दार्जिलिंग, देवांग वडोदरा, मनजीत चंडीगढ़ और दीपक श्रीनगर, गढ़वाल के रूप में हुई है। गिरोह का संचालन कंप्यूटर स्नातक विष्णु कर रहा था।
700 से 800 लोगों को निशाना बनाने का आरोप
पुलिस ने आशंका जताई है कि आरोपित आईफोन धारकों को संदेश भेजकर उनके फोन में तकनीकी खराबी, बैटरी धीमी होने या अन्य समस्या का झांसा देते थे। आरोपितों ने देश-विदेश में 700 से 800 लोगों को निशाना बनाकर तीन से चार करोड़ रुपये तक की ठगी की है।
पुलिस के अनुसार शनिवार देर रात सूचना मिली थी कि बेगमपुर के दीप विहार में कुछ नए लोग आए हैं और एक फ्लैट किराये पर लेकर रात के समय काम कर रहे हैं।
संदिग्ध गतिविधियों की सूचना के बाद पुलिस टीम ने छापेमारी कर छह आरोपितों को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से सात मोबाइल फोन और चार लैपटाप बरामद किए गए।
लिंक पर क्लिक कराकर बैंक खाते से निकॉलते थे रकम
पूछताछ में पता चला कि आरोपित आईफोन धारकों का डाटा ऑनलाइन जुटाते थे। इसके बाद उन्हें संदेश भेजकर बताया जाता था कि उनके फोन में किसी भी तरह की कोई तकनीकी खराबी है और संदेश में दिए गए लिंक पर क्लिक कर एपल केयर से फोन को जोड़कर समस्या दूर की जा सकती है।
लिंक पर क्लिक करने के बाद फोन कुछ समय के लिए हैंग हो जाता था। इसी दौरान आरोपित पीड़ित के बैंक संबंधी डाटा हासिल कर फोन धारक के खाते से रकम निकॉल लेते थे। मामले का मुख्य आरोपित कम्प्यूटर में व अन्य विभिन्न विषयों से स्नातक हैं।
पुलिस उपायुक्त शशांक जायसवाल ने बताया कि इंस्पेक्टर संदीप गोदारा की टीम साइबर विशेषज्ञों की मदद से मामले की जांच कर रही है।
अभी स्पष्ट नहीं कि कितने आईफोन उपभोक्ता को शिकार बनाया गया। उन्होंने कहा कि जांच आगे बढ़ने के बाद ही इस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं और ठगी के पूरे नेटवर्क की जानकारी सामने आ सकेगी।
आईफोन की सुरक्षा को सीधे नहीं तोड़ते थे आरोपित
पुलिस के अनुसार, आईफोन को सुरक्षा के लिहाज से काफी सुरक्षित माना जाता है और आरोपित उसकी सुरक्षा व्यवस्था को सीधे भेदकर फोन में प्रवेश नहीं कर रहे थे।
उनका तरीका लोगों को भ्रमित कर जानकारी हासिल करने का था। गिरोह उन्हीं आईफोन धारकों को संदेश भेजता था, जिनका मोबाइल नंबर और आईफोन इस्तेमाल करने संबंधी आंकड़ा उसके पास उपलब्ध था।
यह आंकड़ा आरोपितों ने कहां से हासिल किया, इसकी जांच की जा रही है। पुलिस दिल्ली और देश के विभिन्न राज्यों के अलावा विदेश में ठगी के शिकार हुए लोगों की जानकारी भी जुटा रही है। पुलिस के अनुसार, आरोपित विशेष साफ्टवेयर एक्स-लाइट का इस्तेमाल करते थे। इस साफ्टवेयर के बारे में भी एक्सपर्ट से राय मांगी गई है।
