राखी की खुशियां मातम में बदलीं: तेज रफ्तार XEV ने बुजुर्ग दंपती को रौंदा, पत्नी की मौत

News Desk
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दक्षिणी दिल्ली। ग्रेटर कैलाश-एक थाना क्षेत्र में रविवार शाम एक तेज रफ्तार एक्सईवी ने तीन वाहनों को टक्कर मारते हुए कैलाश कॉलोनी मेट्रो स्टेशन के बाहर आटो का इंतजार कर रहे बुजुर्ग दंपती को टक्कर मार दी। हादसे में बुजुर्ग दंपती गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों घायलों को नजदीकी मूलचंद अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने 71 वर्षीय महिला को मृत घोषित कर दिया। वहीं बुजुर्ग का उपचार चल रहा है।

पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद सोमवार को शव स्वजन को सौंप दिया। पुलिस ने बुजुर्ग के बयान पर बीएनएस की धारा 281, 125 और 106 के तहत एफआइआर दर्ज कर आरोपित चालक तपन अहीर को गिरफ्तार कर लिया है। तपन हादसे के समय नशे में था या नहीं इसकी जांच के लिए उसका खून के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं।

कुलभूषण पंजाब नेशनल बैंक से सेवानिवृत

दक्षिणी जिला पुलिस उपायुक्त अनंत मित्तल के मुताबिक बुजुर्ग 65 वर्षीय कुलभूषण भतेजा पत्नी शशि भतेजा के साथ जीके पार्ट-एक में रहते थे। कुलभूषण पंजाब नेशनल बैंक से सेवानिवृत हैं। उनके परिवार में दो बेटियां हैं। दोनों बेटियों की शादी हो चुकी है। बड़ी बेटी अपने परिवार के साथ लाजपत नगर रहती है। जबकि छोटी बेटी का परिवार पंजाबी बाग इलाके में रहता है।

शाम के समय कुलभूषण अपनी पत्नी शशि के साथ ईस्ट ऑफ कैलाश में एक डेंटिस्ट के पास गए थे। वहां से वापस लौटते हुए कैलाश कालोनी मेट्रो स्टेशन के पास घर जाने के लिए ऑटो का इंतजार करने लगे। इसी दौरान महिंद्र एक्सईवी (डीएल 9 सीबीएम 8877) ने दोनों को टक्कर मार दी।

पीसीआर कॉल के जरिए सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, जहां से घायलों के अस्पताल पहुंचाने की जानकारी मिली। अस्पताल में पता चला कि बुजुर्ग महिला शशि की मौत हो चुकी है। घायल बुजुर्ग कुलभूषण के बयान दर्ज किए गए। पुलिस ने एक्सईवी चालक तपन को गिरफ्तार कर लिया।

तपन पिछले 29 साल से एक परिवार के यहां कार चालक की नौकरी कर रहा था। गाड़ी इसी परिवार की है और हादसे के समय वह कैलाश कालोनी मार्केट से अपने भाई को लेने के लिए जा रहा था। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

राखी के लिए भैया-भाभी कर रहे थे तैयारी

-कुलभूषण की बहन दीप्ति ने बताया कि घर में राखी के त्योहार की तैयारियां चल रही थीं। हर त्योहार पर भैया-भाभी सभी के लिए उपहार की खरीदारी जरूर करते थे। राखी के लिए भी दोनों बेटियों और नाती-नतिनी के लिए खूब सारी खरीदारी की थी। मुझे भी राखी का इंतजार था। त्योहार पर हम सभी जुटते और खूब बातें करते थे। पर एक झटके में परिवार की सारी खुशियां छिन गईं।

भैया के शरीर के दाहिने हिस्से में चोटें आयीं हैं। चेहरा और आंख भी सूज गया है। उन्हें देखकर तो मैं पहचान ही नहीं पायी कि यही मेरे भैया हैं। वहीं भांजी चारू ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव मिलने पर दोपहर बाद अंतिम संस्कार किया गया। मामा कुलभूषण भतेजा को एंबुलेंस से शवदाहगृह लाया गया। व्हीलचेयर से ही उन्होंने दाह संस्कार की रस्में निभाईं।

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