MBBS में सरकारी सीट दिलाने का झांसा, पूर्व सैन्य अधिकारी से 90 लाख की ठगी

News Desk
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नई दिल्ली। बेटे को डाक्टर बनाने की चाहत में हरिद्वार के रहने वाले एक पूर्व सैन्य अधिकारी ने जालसाज के झांसे में आकर 90 लाख रुपये गंवा दिए।

आरोप है कि मनोज नामक व्यक्ति ने खुद को रेडियोलाजिस्ट डाक्टर और नैशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) का सदस्य बताकर सफदरजंग अस्पताल में बेटे का एमबीबीएस में सरकारी दाखिला कराने का भरोसा दिया था। दाखिला नहीं होने पर पीड़ित ने कनाट प्लेस थाने में शिकायत दी। पुलिस ने 17 अगस्त को मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस अधिकारी के मुताबिक, शिकायतकर्ता के बेटे ने नीट परीक्षा दी थी। इसी दौरान 20 जुलाई 2025 को कनाट प्लेस स्थित हनुमान मंदिर में उनकी मुलाकात मनोज से हुई।

आरोप है कि बातचीत के दौरान मनोज ने अपने डाक्टर होने के साथ एनएमसी से जुड़े होने का दावा किया और सरकारी मेडिकल कालेज में सीट दिलाने की बात कही। इसके बाद दोनों के बीच लगातार संपर्क बना रहा। शिकायतकर्ता के मुताबिक, 31 जुलाई 2025 से आरोपित दाखिले को लेकर उनसे संपर्क में था।

पहले खाते में रकम, फिर लाखों रुपये नकद

पुलिस को दी शिकायत के मुताबिक, आरोपित ने भुगतान के लिए दरभंगा स्थित एक बैंक खाते की जानकारी दी। पीड़ित ने दो बार में पांच लाख और 2.5 लाख रुपये आनलाइन भेजे। इसके बाद 82.50 लाख रुपये नकद दिए गए।

आरोप है कि नकदी कनाट प्लेस के डी-ब्लाक पार्किंग क्षेत्र में स्थित एक रेस्टोरेंट के पास दी गई। शिकायतकर्ता का कहना है कि आरोपित दो बार वहां आया और रकम लेकर रेस्टोरेंट में जाकर बैठ गया।

मकान बेचकर जुटाई रकम

शिकायत में पूर्व सैन्य अधिकारी ने बताया कि इतनी बड़ी रकम जुटाने के लिए उन्हें अपना मकान तक बेचना पड़ा। इसके अलावा उन्होंने पेंशन फंड का इस्तेमाल किया और परिवार से भी रुपये उधार लिए। इसके बावजूद बेटे का मेडिकल कालेज में दाखिला नहीं हुआ। इसके बाद उन्हें ठगी का एहसास हुआ और पुलिस से शिकायत की।

पुलिस के मुताबिक, शिकायत में आरोपित के पहाड़गंज के एक होटल में ठहरने का भी उल्लेख है। जांच टीम अब आरोपित के मोबाइल नंबरों, बैंक खातों, आनलाइन भुगतान और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।

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