नोएडा PG अग्निकांड: आंखों के सामने मौत का मंजर, 200 लोगों ने दहशत में गुजारी रात

News Desk
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नोएडा। मामूरा गांव स्थित एनसीआर पीजी में आग लगने से उसमें रहने वाले प्रभावित हुए 200 लोगों में से किसी ने होटल तो किसी ने दाेस्त के कमरे पर रात गुजारी। उनकी आंखाें के सामने आग के भयावह मंजर तैरते रहे। वह तो बच गए, लेकिन उनके पीजी में रहने वाले युवक-युवती की मौत अभी भी डरा रही है।

बृहस्पतिवार सुबह को पीजी में रहने वाले अधिकांश युवक-युवतियां व परिवार अपना सामान निकाल ले गए। दूसरी जगह कमरा लेकर रहने की व्यवस्था की। दिनभर पीजी के बाहर मेला सा लगा रहा। उधर, पोस्टमार्टम के बाद स्वजन युवक-युवती के शव को बिहार व मध्य प्रदेश स्थित अपने-अपने पैतृक घर लेकर चले गए। पुलिस ने महज एक केयरटेकर कृष्ण पर शिकंजा कसा है।

अभी केयर टेकर धर्मेंद्र व अकाउंटेंट श्रीजन दास गुप्ता भागे हुए हैं। मकान मालिक धर्मवीर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
पीजी के पांचवे तल पर रहने वाले लोकेश ने बताया कि रात को पास में रहने वाले दोस्त के यहां ठहरे थे। रात एक बजे सोए थे। एक घंटे बाद ही आंख खुल गई। फिर पूरी रात नींद नहीं आई। पूरी रात आग लगने के मंजर आंखों के सामने तैरते रहे।

उन्होंने हादसे का जिक्र करते हुए बताया कि आग के दौरान वह भी पीजी में थे। उन्होंने भी रस्से और बल्ली के सहारे जान बचाई थी। लोकेश ने बताया कि भाई को बृहस्पतिवार सुबह बुलाकर कमरे से फ्रिज, वासिंग मशीन, बैग आदि सामान बाहर निकाला। दूसरी जगह कमरा देख रहे, लेकिन एडवांस और सिक्योरिटी फंसी हुई है। पीजी में रहने वाले विवेक, भास्कर ने बताया कि कार्यालय से छुट्टी लेकर दूसरी जगह सामान शिफ्ट कर दिया। घटना के चलते दो दिन खराब हो गए।

सब जल गयो, कछुउ न बचो

इटावा के आयुष दिवेदी ने बताया कि 28 जून को बीपीओ की नौकरी छोड़ दी थी। बुधवार को टेक महिंद्रा में इंटरव्यू देकर आये थे। वहां अच्छी सैलरी पर सलेक्शन हुआ था। पीजी के प्रथम तल के अपने रूम पर आए थे कि इसी बीच तेज धमाके के साथ आग लग गई। वह मोबाइल, चार्जर लेकर बाहर आ गए, लेकिन कमरे का सामना जल गया। अधजले बैग में रखे कागजात बच गए। नए कपड़े, जूते समेत सारा सामान जलकर खाक हो गया।

उनका कहना है कि वह समय रहते निकल आए। वरना कूदकर जान बचानी पड़ती। दैनिक जागरण से बात करने के दौरान आयुष की चाची का फोन आ गया। उन्होंने कहा कि बेटा तुम ठीक हो। टीवी में दिखा रहे कि पूरी बिल्डिंग जल गई। तुम जल्द घर चले आओ। वह ट्रेन पकड़कर शाम को घर चले गए।

15 साल पहले बनी थी बिल्डिंग

नोएडा के चौड़ा गांव में रहने वाले धर्मवीर ने करीब 15 साल पहले फ्लैट को बेचने के मकसद से पांच मंजिला बिल्डिंग बनवाई थी। फ्लैट नहीं बिकने पर बिल्डिंग काफी समय तक खाली पड़ी रही। उसको पीजी के रूप में लीज पर दे दिया था। वर्तमान में कृष्ण कुमार लीज पर लेकर पीजी का संचालन कर रहा था। बिल्डिंग में आग बुझाने के कोई उपकरण नहीं थे। प्रवेश व आकस्मिक निकास द्वार भी मानकानुसार व्यवस्था नहीं थी।

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