
कनावनी। कनावनी के किसानों का धरना लगातार 49 वें दिन भी जारी रहा। किसानों ने स्पष्ट कहा कि वे अपने हक और अपनी जमीन की लड़ाई से पीछे हटने वाले नहीं हैं। किसानों का कहना है कि माननीय न्यायालय द्वारा दिए गए आदेशों का प्राधिकरण पालन नहीं कर रहा है।
किसानों के अनुसार, माननीय न्यायालय के आदेश में किसानों को निर्धारित समय सीमा के भीतर मुआवजा दिए जाने अथवा निर्धारित शर्तें पूरी न होने की स्थिति में किसानों की जमीन वापस किए जाने की बात कही गई थी। किसानों का आरोप है कि निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बाद भी प्राधिकरण अवॉर्ड तैयार करने की प्रक्रिया में जुटा हुआ है। इसको लेकर किसानों में भारी रोष है।
किसान परवीन नागर और अशोक कसाना का कहना है कि प्राधिकरण द्वारा की जा रही कार्रवाई से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि किसानों के साथ छल किया जा रहा है और माननीय न्यायालय के आदेशों का पालन नहीं किया जा रहा। किसान लखीराम शर्मा ने कहा कि कुछ अधिकारी और प्राधिकरण माननीय न्यायालय के आदेशों से स्वयं को ऊपर मानकर कार्य कर रहे हैं, जबकि न्यायालय के आदेशों का पालन करना सभी के लिए आवश्यक है।
किसानों ने कहा कि जब न्यायालय द्वारा निर्धारित समय सीमा पूरी हो चुकी है तो अब किसानों की जमीन पर आगे की अधिग्रहण संबंधी कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। किसानों की मांग है कि राजस्व अभिलेखों में किसानों के नाम बहाल किए जाएं और खसरा-खतौनी में किसानों का नाम दर्ज किया जाए।
किसानों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब किसान अपनी जमीन किसी भी कीमत पर नहीं देंगे। किसानों का कहना है कि उनका संघर्ष किसी व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं, बल्कि अपनी जमीन और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए है।
किसानों ने अपना नारा दोहराते हुए कहा—
“जब तक नाम बहाली नहीं, तब तक घर वापसी नहीं।”
आज धरना स्थल पर मौजूद रहे:
कैलाश नागर, मथन सिंह नागर, चतर सिंह नागर, धनेश्वर शर्मा, दीपचंद नागर, रामपाल अधाना, श्याम सिंह अधाना, रामपत नागर, करण सिंह नागर, जयपाल नागर, लायक राम नागर, पृथ्वी कसाना, परवीन नागर, विनोद नागर, देवेंद्र नागर, गजेंद्र नागर, अशोक कसाना आदि।
