एनजीटी ने गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी को जिले के सभी जलाशयों के बारे में ताजा रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। ट्रिब्यूनल ने कहा है कि रिपोर्ट में गौतमबुद्ध नगर जिले के सभी जलाशयों का ब्योरा, उनके क्षेत्राधिकार और उन पर हुए अतिक्रमण की पूरी जानकारी दी जाए। एनजीटी ने रिपोर्ट की रूपरेखा की ओर भी इशारा किया है। एनजीटी ने पुरानी रिपोर्ट में क्षेत्रफल और अतिक्रमण की पूरी जानकारी नहीं होने पर नाराजगी भी जताई।
तालाबों के पुनरुद्धार का मामला
बता दें कि एनजीटी गौतमबुद्ध नगर जिले के जलाशयों यानी नोएडा और ग्रेटर नोएडा के पोखर और तालाबों के पुनरुद्धार से जुड़े मामले की सुनवाई कर रहा है। एनजीटी के चेयरमैन जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य ए. सेंथिल वेल की पीठ ने 14 जुलाई के अपने आदेश में कहा कि गौतमबुद्ध नगर जिले में नोएडा प्राधिकरण, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण यानी यीडा का क्षेत्राधिकार है।
अतिक्रमण हटाने के लिए कार्रवाई का नहीं दिया ब्यौरा
एनजीटी यह भी कहा कि गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी 10 जुलाई को एक रिपोर्ट दाखिल की थी। लेकिन इस रिपोर्ट में हर जलाशय के पुराने राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार क्षेत्रफल, अतिक्रमण किया गया एरिया और अतिक्रमण हटाने के लिए की गई कार्रवाई के बारे में ब्यौरा ही नहीं था। ऐसे में गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी को अब नोएडा और ग्रेटर नोएडा के पोखर और तालाबों के बारे में ताजा रिपोर्ट दाखिल करनी होगी।
नई रिपोर्ट दाखिल करें
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने कहा कि हम गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी को आदेश देते हैं कि वह निम्नलिखित जानकारियों को समाहित करते हुए एक नई रिपोर्ट दाखिल करें। इस रिपोर्ट में सारणीबद्ध रूप में जिले के तालाबों एवं अन्य जलाशयों का ब्योरा होना चाहिए। साथ ही तीनों प्राधिकरणों के अधिकार क्षेत्र के अनुसार उनका विवरण, हर जलाशय का क्षेत्रफल और उस पर हुए अतिक्रमण का क्षेत्र के बारे में जानकारी चाहिए।
तालाब और पोखरों पर कब्जे वाले क्षेत्रफल का ब्यौरा तलब
अब एनजीटी के सामने नोएडा और ग्रेटर नोएडा में तालाब पोखरों के बारे में डिटेल जानकारी के साथ रिपोर्ट दाखिल की जाएगी। नई रिपोर्ट में पुराने रेवेन्यू रिकॉर्ड के अनुसार, हर जल निकाय का क्षेत्रफल के बारे में ब्यौरा होगा। साथ ही कब्जे वाली जगह और कब्जा हटाने के लिए की गई कार्रवाई के बारे में जानकारी होगी। एनजीटी ने साफ-साफ कहा है कि तालाब और पोखरों पर कब्जे वाले क्षेत्रफल का खास तौर पर जिक्र होना चाहिए।
बड़ी बुल्डोजर कार्रवाई का रास्ता साफ
एनजीटी के इस आदेश से नोएडा और ग्रेटर नोएडा में अब तालाबों पर कब्जे वाली जगहों पर बड़े बुलडोजर ऐक्शन का रास्ता साफ हो गया है। एनजीटी ने अपने आदेश से नोएडा प्राधिकरण, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण यानी यीडा के अधिकारियों की सिरदर्दी भी बढ़ा दी है। अब अधिकारियों को संबंधित रिपोर्ट तैयार करने के लिए मौके का सर्वे भी करना होगा।
