कनावनी। गांव कनावनी के किसानों का अपनी मांगों को लेकर चल रहा धरना बुधवार को लगातार 27 वें दिन भी जारी रहा। धरने पर किसानों ने एकजुट होकर कहा कि उनकी खसरा-खतौनी में प्राधिकरण द्वारा दर्ज किए गए नाम को हटाकर किसानों के नाम तत्काल प्रभाव से पुनः बहाल किए जाएं।
किसानों ने कहा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने गाजियाबाद विकास प्राधिकरण को अवॉर्ड की प्रक्रिया पूरी करने के लिए छह माह का समय दिया था किसानों का कहना है कि निर्धारित छह माह की अवधि समाप्त होने के बाद भी अब 18 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक कनावनी के किसानों की भूमि का वैध अवॉर्ड घोषित नहीं किया गया है।
किसानों ने कहा कि जब भूमि का वैध अवॉर्ड घोषित नहीं हुआ और किसानों को उनकी भूमि का भुगतान भी नहीं किया गया, तो राजस्व रिकॉर्ड में प्राधिकरण का नाम दर्ज रहना उचित नहीं है किसानों का आरोप है कि बिना भुगतान किए ही उनकी भूमि को प्राधिकरण के नाम दर्ज कर दिया गया ऐसे में किसानों की मांग है कि खसरा-खतौनी में दर्ज प्राधिकरण के नाम को हटाकर किसानों के नाम तत्काल बहाल किए जाएं।
किसानों ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और किसानों ने कहा कि जब तक राजस्व रिकॉर्ड में किसानों के नाम बहाल नहीं किए जाते, तब तक धरना लगातार और अनवरत जारी रहेगा।
किसान परवीन नागर ने कहा कि किसानों की मांग उनके अधिकार और राजस्व रिकॉर्ड से जुड़ी है। जब तक किसानों के नाम दोबारा बहाल नहीं किए जाते, तब तक किसान शांतिपूर्ण तरीके से अपना संघर्ष जारी रखेंगे।
किसान मथन सिंह नागर ने कहा कि किसानों की भूमि का भुगतान किए बिना उसे प्राधिकरण के नाम दर्ज किया जाना किसानों के साथ अन्याय है किसानों की खसरा-खतौनी में उनका नाम तत्काल वापस दर्ज किया जाना चाहिए।
किसान चतर सिंह नागर ने कहा कि किसान शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को उठा रहे हैं किसानों का यह संघर्ष अपनी जमीन और राजस्व रिकॉर्ड में अपने अधिकार की बहाली के लिए है और मांग पूरी होने तक जारी रहेगा।
किसान लिखीराम शर्मा ने कहा कि कनावनी के किसान अपनी मांग को लेकर पूरी तरह एकजुट हैं। जब तक किसानों के नाम राजस्व रिकॉर्ड में बहाल नहीं किए जाते, तब तक धरना जारी रहेगा।
आज धरने में शामिल रहे:
जगदीश शर्मा, महेंद्र नागर, पप्पू बैसला, श्याम सिंह अधाना, देवेन्द्र नागर, भगवत सिंह, तिरखा जाटव, जयपाल नागर, मनीराम नागर परवीन नागर अशोक कसाना आदि।
