
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली की समृद्ध कला, सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन और शैक्षणिक क्षेत्रों को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में दिल्ली सरकार ने एक बेहद अहम और बड़ा कदम उठाया है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की मौजूदगी में भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR) और दिल्ली सरकार के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं. इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य सांस्कृतिक कूटनीति को बढ़ावा देने के साथ-साथ दिल्ली की कला और संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय पटल पर नई ऊंचाइयां देना है. इस अवसर पर दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री मंजरजिंदर सिंह सिरसा, कला, संस्कृति एवं भाषा मंत्री कपिल मिश्रा और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी प्रमुख रूप से मौजूद थे.
इस समझौते के तहत दिल्ली के स्थापित और उभरते हुए कलाकारों को ICCR की प्रतिष्ठित ‘हॉरिजन सीरीज’ और अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक उत्सवों में सीधे भाग लेने का शानदार अवसर मिलेगा. दिल्ली सरकार प्रदर्शनकारी कला, साहित्य, मूर्तिकला, वस्त्र, वास्तुकला, पाक कला और हस्तशिल्प जैसे विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें ICCR के साथ सूचीबद्ध करेगी. इसके लिए एक एकीकृत निर्देशिका (डेटाबेस) तैयार की जाएगी, जिससे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में कलाकारों की भागीदारी सुगम हो सकेगी.
पर्यटन और शैक्षणिक पहलों को मिलेगा बढ़ावा
समझौते के अंतर्गत दिल्ली में आयोजित होने वाले उत्सवों में विदेशी कलाकारों के कार्यक्रमों को सुगम बनाया जाएगा. साथ ही, ICCR के प्रतिष्ठित और शैक्षणिक आगंतुक कार्यक्रमों के तहत आने वाले विदेशी विद्वानों की मेजबानी भी दिल्ली में की जाएगी. इसके अलावा, भारत और विदेश के दृश्य कलाकारों के लिए संयुक्त कला प्रदर्शनियां, कार्यशालाएं और संगोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा. राजधानी में अध्ययनरत ICCR से जुड़े विदेशी छात्रों के लिए विशेष अध्ययन शिविर आयोजित होंगे, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा. साथ ही, दिल्ली के प्रमुख शिक्षण संस्थानों को भी अंतरराष्ट्रीय छात्र नेटवर्क के बीच व्यापक रूप से प्रचारित किया जाएगा.
‘विकसित दिल्ली’ की ओर एक और बड़ा कदम
कला, संस्कृति एवं भाषा मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत’ के विजन के अनुरूप यह समझौता ‘विकसित दिल्ली’ और दिल्ली को ‘आर्ट कैपिटल’ बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा. यह पांच साल तक प्रभावी रहने वाला यह समझौता (जिसे आपसी सहमति से आगे बढ़ाया जा सकेगा) दिल्ली के युवाओं, कलाकारों और शिक्षाविदों के लिए अवसरों के नए द्वार खोलेगा, जिससे वैश्विक स्तर पर राजधानी का सांस्कृतिक गौरव और अधिक बढ़ेगा.
