‘दो बजे होगा विस्फोट’, दिल्ली हाईकोर्ट को मिला था फर्जी बम धमकी ईमेल

Amit
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नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में एक बार फिर फर्जी बम धमकी का मामला सामने आया है। शुक्रवार सुबह हाईकोर्ट प्रशासन को एक ईमेल भेजा गया, जिसमें दावा किया गया कि कोर्ट परिसर और जजों के चैंबर में तीन बम लगाए गए हैं। इस मेल से हड़कंप मच गया और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत अलर्ट पर आ गईं। हालांकि सघन तलाशी के बाद यह धमकी झूठी साबित हुई।

कोर्ट में चल रही कार्यवाहियां रोकी 

पुलिस अधिकारियों के अनुसार धमकी भरा ईमेल शुक्रवार सुबह 8:39 बजे भेजा गया और हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल अरुण भारद्वाज समेत अन्य अधिकारियों को 10:41 बजे प्राप्त हुआ। मेल में कहा गया था कि दोपहर 2 बजे तक विस्फोट किए जाएंगे। जानकारी मिलते ही कोर्ट में चल रही कार्यवाहियां रोक दी गईं और वकीलों व पक्षकारों को बाहर निकाल दिया गया। मौके पर दिल्ली पुलिस, बम निरोधक दस्ते, डॉग स्क्वॉड, फायर ब्रिगेड और कैट एम्बुलेंस की टीमें पहुंचीं। करीब तीन घंटे तक कोर्ट परिसर की तलाशी ली गई, जिसमें पार्किंग, जज चैंबर, रिकॉर्ड रूम, कैंटीन और टॉयलेट तक की जांच की गई। लेकिन कहीं से भी कोई विस्फोटक बरामद नहीं हुआ।

पवित्र शुक्रवार धमाके की योजना 

ईमेल में पाकिस्तान और तमिलनाडु की मिलीभगत से “पवित्र शुक्रवार धमाके” की योजना का जिक्र था। इसमें यह भी दावा किया गया कि 1998 के पटना ब्लास्ट जैसी घटना दोहराई जाएगी और कुछ राजनीतिक नेताओं से आंतरिक मदद मिली है। मेल में अंग्रेजी और हिंदी दोनों भाषाओं का इस्तेमाल कर धमकी को और गंभीर रूप देने की कोशिश की गई। यहां तक कि जज चैंबर में रखे बम को “इस्लामिक प्रार्थना” के बाद फटने का दावा किया गया।

दिल्ली पुलिस ने जांच के बाद इस ईमेल को फर्जी करार दिया और कहा कि इसका हाल ही में स्कूलों को मिली धमकियों से कोई संबंध नहीं है।

पहले भी मिल चुकी धमकियाँ

15 फरवरी 2024: दिल्ली हाईकोर्ट को बम धमकी का मेल मिला, लेकिन जांच के बाद फर्जी पाया गया।

16 अप्रैल 2025: द्वारका जिला अदालत में बम की सूचना से अफरा-तफरी, जांच में कुछ नहीं मिला।

1 मई 2025: दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार और पुलिस से बम धमकी जैसे मामलों से निपटने के लिए उपलब्ध संसाधनों की जानकारी मांगी थी।

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