ग्रेटर नोएडा। दनकौर में अपनी आठ वर्षीय बेटी से मिलने और उसे वापस पाने की उम्मीद में एक मां रविवार शाम पति के घर के बाहर धरने पर बैठ गई। देर रात तक वह वहीं डटी रही। पीड़िता का कहना है कि छह माह से उसे न तो बेटी से मिलने दिया जा रहा है और न ही बेटी को उसके पास भेजा जा रहा है।
मिली जानकारी अनुसार, बादलपुर कोतवाली क्षेत्र के खेड़ा धर्मपुरा गांव की रहने वाली पीड़िता मधु की शादी वर्ष 2016 में दनकौर कोतवाली क्षेत्र के देवटा गांव निवासी एक युवक से हुई थी। उनका पति गुरुग्राम की एक कंपनी में नौकरी करता है।
आरोप है कि करीब छह माह पहले पति ने उनकी आठ वर्षीय बेटी को अपने पास रख लिया और बाद में बच्ची को अपने भाई और भाभी के पास देवटा गांव भेज दिया। मधु के भाई सुभाष का आरोप है कि तब से वह लगातार बेटी से मिलने और उसे अपने साथ रखने का प्रयास कर रही हैं, लेकिन हर बार उन्हें निराशा ही हाथ लगी।
मधु के भाई का आरोप है कि परिवार ने बच्ची को जानबूझकर मां से दूर रखा हुआ है। इस संबंध में शासन-प्रशासन से भी कई बार गुहार लगाई गई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। आखिरकार न्याय की उम्मीद टूटने पर रविवार शाम मधु अपने पति के घर के बाहर धरने पर बैठ गईं।
खबर लिखे जाने तक वह वहीं डटी हुई थीं। आसपास के लोगों की भीड़ भी मौके पर जुट गई। सूचना के बाद दनकौर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और महिला को समझाने का प्रयास किया गया।
पीड़िता ने प्रशासन से मांग की है कि उसकी बेटी को उससे मिलवाया जाए और मामले में निष्पक्ष कार्रवाई कर मां-बेटी को मिलाने की व्यवस्था की जाए। दनकौर कोतवाली प्रभारी मनोज कुमार चौहान का कहना है कि महिला की शिकायत के आधार पर जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

