मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग पर घमासान: दिल्ली के संसद मार्ग पर BNSS 163 लागू, प्रदर्शनों पर पूरी तरह बैन

News Desk
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नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने और SIR प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग को लेकर आज अलग-अलग संगठनों के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने राजधानी के अति-संवेदनशील और व्यस्ततम माने जाने वाले संसद मार्ग क्षेत्र में सुरक्षा बनाए रखने के लिए प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है. दिल्ली पुलिस अधिनियम, 1978 की धारा 70 की उप-धारा (1) के खंड (बी) के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए, संसद क्षेत्र के सहायक पुलिस आयुक्त अजय शर्मा द्वारा एक आधिकारिक लिखित आदेश जारी किया गया है. इसके तहत पूरे क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (BNSS) की धारा 163 के प्रावधानों को प्रभावी कर दिया गया है. हालांकि यह आदेश 23 अगस्त से लागू हो चुका है और 60 दिनों यानी 21 अक्टूबर तक पूरे क्षेत्र में प्रभावी रहेगा.

भारी यातायात और सुरक्षा चिंताओं के चलते लिया गया निर्णय

प्रशासन द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि संसद मार्ग और इससे जुड़े स्थानीय इलाके अत्यधिक व्यस्त क्षेत्र हैं, जहां भारी मात्रा में वाहनों और पैदल यात्रियों का आवागमन होता है. खुफिया और प्रशासनिक रिपोर्टों में यह बात सामने आई थी कि इस क्षेत्र में बिना किसी प्रतिबंध के सार्वजनिक बैठकों, जुलूसों और प्रदर्शनों के आयोजन से यातायात व्यवस्था गंभीर रूप से बाधित हो सकती है. इसके साथ ही, आम नागरिकों की सुरक्षा को खतरा पैदा होने और सार्वजनिक शांति में खलल पड़ने की आशंका लगातार बनी हुई थी. लोगों की सुरक्षा और लोक शांति को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से इन एहतियाती उपायों को लागू करना अनिवार्य हो गया था.

इन गतिविधियों पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध

जारी किए गए निषेधाज्ञा आदेश के दायरे में संसद मार्ग का क्षेत्र आता है. इस अवधि के दौरान किसी भी प्रकार की सार्वजनिक सभा या मीटिंग का आयोजन, पाँच या उससे अधिक लोगों का एक स्थान पर एकत्र होना, शस्त्र, बैनर, प्ले बोर्ड, लाठियाँ, भाले, तलवारें, डंडे या ईंट-पत्थर आदि लेकर चलना, किसी भी प्रकार के नारे लगाना, भाषण देना या जनसभा को संबोधित करना, जुलूस निकालना और प्रदर्शन करना, जंतर-मंतर रोड पर निर्धारित और छूट प्राप्त क्षेत्र को छोड़कर, किसी भी सार्वजनिक स्थान पर लिखित अनुमति के बिना धरना देना या प्रदर्शन/पिकेटिंग करना गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक रहेगी.

जंतर-मंतर का विशिष्ट क्षेत्र और समयासीमा लागू

प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि इस प्रतिबंधात्मक आदेश से संसद स्ट्रीट उप-मंडल के अंतर्गत आने वाले जंतर-मंतर रोड के उस विशिष्ट और नक्शे में दर्शित क्षेत्र को छूट दी गई है, जो इसके लिए अधिकृत है. हालांकि, पूर्व लिखित अनुमति के साथ भी जंतर-मंतर पर होने वाले आयोजनों की समयसीमा शाम पांच बजे के बाद तक नहीं बढ़ाई जा सकती है.

नियम तोड़ने पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई

दिल्ली पुलिस ने चेतावनी दी है कि यदि कोई भी व्यक्ति इस आदेश का उल्लंघन करता हुआ पाया जाता है, तो उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 (BNS) की धारा 223 के अंतर्गत कानूनी कार्रवाई की जाएगी. चूंकि व्यक्तिगत रूप से सभी संबंधित पक्षों को नोटिस देना संभव नहीं था, इसलिए इस आदेश को ‘एक्स-पार्टे’ (Ex-Parte) के रूप में पारित किया गया है. इस आदेश की प्रतियां जनता की जानकारी के लिए मीडिया, स्थानीय प्रेस, रेडियो और टेलीविजन के माध्यम से प्रसारित करने के साथ-साथ सभी जिला अतिरिक्त पुलिस आयुक्तों, उपायुक्तों (DCP), नई दिल्ली नगरपालिका परिषद, और नगर निगम (MCD) के कार्यालयों के नोटिस बोर्ड पर चस्पा कर दी गई हैं.

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