दिल्ली में पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिए 200 किमी सड़कों पर ऊंचे सेंट्रल वर्ज बनाने की योजना

News Desk
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नई दिल्ली। दिल्ली में सड़क दुर्घटनाओं में पैदल यात्रियों की मौत और गंभीर चोटों की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) एक बार फिर सेंट्रल वर्ज परियोजना को बड़े स्तर पर लागू करने जा रहा है।

पहले चरण में राजधानी की करीब 200 किलोमीटर लंबी प्रमुख सड़कों पर कंक्रीट की दो ऊंची दीवारों वाले सेंट्रल वर्ज बनाए जाएंगे। इनका उद्देश्य पैदल यात्रियों को बीच सड़क से मनमाने ढंग से सड़क पार करने से रोकना और उन्हें फुटओवर ब्रिज तथा सब-वे का उपयोग करने के लिए प्रेरित करना है।

दिल्ली में होने वाली कुल सड़क दुर्घटनाओं में लगभग 44 प्रतिशत मामलों में पैदल यात्री प्रभावित होते हैं। इसी तथ्य को ध्यान में रखते हुए सड़क सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में यह कदम उठाया गया है। अब नए बनने वाले सेंट्रल वर्ज की ऊंचाई साढ़े फीट ऊंची दीवारों से लेकर लगभग चार फीट तक रखी जाएगी।

अलग होगा सेंट्रल वर्ज का डिजाइन 

सेंट्रल वर्ज का डिजाइन भी पारंपरिक डिवाइडरों से अलग होगा। इसमें दोनों ओर मजबूत कंक्रीट की दीवारें बनाई जाएंगी, जबकि बीच के हिस्से में मिट्टी भरकर हरियाली विकसित की जाएगी।

इससे सड़कों की सुंदरता बढ़ने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। योजना के तहत फुटओवर ब्रिज और सब-वे के आसपास भी इसी प्रकार के ऊंचे सेंट्रल वर्ज बनाए जाएंगे।

दरअसल, कुछ वर्ष पहले दिल्ली यातायात पुलिस और लोक निर्माण विभाग ने संयुक्त अध्ययन के बाद यमुनापार में मानव व्यवहार एवं संबद्ध विज्ञान संस्थान (इहबास) के सामने तथा इस क्षेत्र में जीटी रोड पर साढ़े तीन फीट ऊंचे, शाहदरा के महाराजा सूरजमल मार्ग पर चार फीट ऊंचे तथा विकास मार्ग पर तीन फीट ऊंची दीवारों वाले सेंट्रल वर्ज का प्रायोगिक निर्माण कराया गया था।

लेकिन यह योजना आगे नहीं बढ़ सकी थी। अब पैदल यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीरता दिखाते हुए अब भाजपा सरकार इसे आगे बढ़ाने जा रही है। जिसमें इहबास और महाराजा सूरजमल मार्ग के सेंट्रल वर्ज की तर्ज पर अन्य सेंट्रल वर्ज बनाने का लोक निर्माण विभाग ने फैसला लिया है।

इन मार्गों पर प्रमुखता से होना है काम

55 किलोमीटर लंबे महात्मा गांधी मार्ग यानी रिंग रोड आैर 47 किलोमीटर लंबे आउटर रिंग रोड तथा जीटी रोड, महरौली बदरपुर, महरौली गुरुग्राम मार्ग पर जगह की संभावना के अनुसार काम होना है।

इनके अलावा भारतेंदु हरिशचंद्र मार्ग, रोड नंगर 71, मास्टर सोमनाथ मार्ग, स्वामी दयानंद मार्ग आदि के अलावा पश्चिमी दिल्ली बाहरी दिल्ली और उत्तरी दिल्ली के अन्य प्रमुख मार्ग भी शामिल हैं।

अधिक दुर्घटनाओं वाले ये 10 स्थान भी शामिल

  • मुकरबा चौक
  • मधुबन चौक
  • उस्मानपुर रोड- पांचवां पुश्ता काॅरिडोर
  • पावर हाउस, पीतमपुरा
  • मंगोलपुरी फ्लाईओवर
  • सिग्नेचर ब्रिज के आसपास
  • बुराड़ी चौक
  • मुकुंदपुर सर्कल
  • गांधी विहार
  • भलस्वा चौक

दिल्ली में जिस तरह से पैदल यात्रियों की दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। ऐसे में अधिक दुर्घटनाओं वाले कारीडोर पर ऊंची दीवारों वाले सेंट्रल वर्ज बनाना अब जरूरी हो रहा है। इन्हें फुटओवर ब्रिज और सब-वे के आसपास बनाया जाना चाहिए।

– दिनेश कुमार, पूर्व प्रमुख अभियंता, लोक निर्माण विभाग

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