नई दिल्ली। नववर्ष के जश्न के दौरान हर्ष फायरिंग में एक महिला की मौत के मामले में दोषी ठहराए गए बिहार के साहेबगंज से भाजपा विधायक राजू कुमार सिंह ने राउज एवेन्यू स्थित विशेष न्यायाधीश की अदालत से सजा में नरमी बरतने और प्रोबेशन पर रिहा करने की मांग की। विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने सजा के बिंदु पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला चार जुलाई तक के लिए टाल दिया।
विधायक की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता नंदिता राव ने अदालत को बताया कि राजू कुमार सिंह छह बार के विधायक हैं, उनका कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं है और उनका किसी की जान लेने का इरादा नहीं था। उन्होंने बिहार के प्रोबेशन अधिकारी की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि रिपोर्ट में उन्हें समाज का जिम्मेदार और सहयोगी व्यक्ति बताया गया है।
बचाव पक्ष ने यह भी दलील दी कि अदालत ने उन्हें भारतीय दंड संहिता की धारा 304 भाग-2 के तहत दोषी ठहराया है, जिसमें सजा तय करते समय घटना की परिस्थितियों और आरोपी की मंशा पर भी विचार किया जाना चाहिए।
चिरंजीत सिंह ने प्रोबेशन की मांग का कड़ा विरोध किया
वहीं विशेष लोक अभियोजक चिरंजीत सिंह ने प्रोबेशन की मांग का कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा कि इस तरह की राहत समाज में गलत संदेश देगी, खासकर ऐसे मामलों में जहां हर्ष फायरिंग के कारण किसी की जान चली गई हो। अभियोजन ने अदालत को बताया कि 45 वर्षीय अर्चना गुप्ता की मौत हुई, जबकि उनकी 12 वर्षीय बेटी ने पूरी घटना अपनी आंखों के सामने देखी।
अभियोजन के अनुसार फार्महाउस में पर्याप्त जगह होने के बावजूद विधायक ने भीड़ के बीच मंच के पास कई राउंड फायर किए। जांच के दौरान उनके पास से हथियार और गोला-बारूद भी बरामद हुए थे। अभियोजक ने कहा कि यह ऐसा मामला है, जिसमें कानून बनाने वाला ही कानून तोड़ने वाला बन गया।
सुनवाई के दौरान विधायक ने भी अदालत से कहा कि उन्होंने कभी समाज को खतरे में डालने वाला कोई काम नहीं किया। उनका कहना था कि कार्यक्रम में मौजूद सभी लोग परिवार जैसे थे और जिस महिला की मौत हुई, वह भी परिवार की सदस्य जैसी थीं।
एक जनवरी 2019 को न्यू ईयर पार्टी में अर्चना गुप्ता की मौत
विशेष अदालत ने हाल ही में 97 पृष्ठों के फैसले में राजू कुमार सिंह को भारतीय दंड संहिता की धारा 304 भाग-2 और शस्त्र अधिनियम के प्रावधानों के तहत दोषी ठहराया था। अदालत ने कहा था कि देश में हर्ष फायरिंग एक गंभीर सामाजिक समस्या बन चुकी है और इसी तरह की लापरवाही के कारण 31 दिसंबर 2018 और एक जनवरी 2019 की दरमियानी रात आयोजित न्यू ईयर पार्टी में अर्चना गुप्ता की मौत हुई।

