गाजियाबाद। नगर निगम अब नालों पर अतिक्रमण करने वाले मकान मालिकों, दुकानदारों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी करेगा। नोटिस मिलने के एक सप्ताह भीतर अतिक्रमण हटाने के लिए कहा जाएगा। यदि लोग खुद ही अतिक्रमण नहीं हटाते हैं तो निगम की ओर से विधिक कार्रवाई की जाएगी। वहीं हजारों लोगों को नोटिस भेजना और उन पर कार्रवाई करना निगम के लिए चुनौती है।
लोगों ने अपने दुकान, मकान आदि भवन के सामने नालों पर स्लैब डाल दिए हैं। कई जगह पर नाले के ऊपर लिंटर डालकर उस पर वाहन खड़े किए जा रहे हैं। नालों के ऊपर पशुपालन तक हो रहा है। इससे नालों की सफाई नहीं हो पा रही है। साथ ही नालों की सफाई के बाद भी अतिक्रमण के नीचे नालों में कचरा रुक जाता है। इससे जलभराव की स्थिति बन जाती है।
नालों पर अतिक्रमण के कारण सड़क से वर्षा का पानी नाले में नहीं जा पाता। पानी भरने से सड़कें टूट जाती हैं। नगर निगम ने लोगों को नोटिस भेजने की तैयारी पूरी कर ली है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. मिथलेश ने बताया कि नोटिस के बाद भी एक सप्ताह के भीतर अतिक्रमण नहीं हटाने वालों पर नगर निगम खुद अतिक्रमण हटाएगा।
अतिक्रमण हटाने में जो निगम का खर्चा होगा उसे भवन स्वामी से वसूला जाएगा। नालियों में गोबर या अन्य अपशिष्ट बहाने वाली डेरी संचालकों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे डेरी संचालकों को पहले नोटिस दिया जाएगा। नालियों में गोबर बहने से पानी की निकासी बाधित होती है।
| जोन का नाम | अतिक्रमण प्रतिशत |
|---|---|
| विजय नगर जोन | 40% |
| सिटी जोन | 38% |
| कवि नगर जोन | 36% |
| वसुंधरा जोन | 34% |
| मोहन नगर जोन | 41% |

