नोएडा: उस निर्माणाधीन अवैध मॉल पर चला बुलडोजर, जहां प्राधिकरण टीम पर हुआ था हमला, इंजीनियरों पर छिड़का डीजल

News Desk
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नोएडा। नोएडा में प्राधिकरण ने कानूनी अड़चन हटने के बाद शुक्रवार को भू-माफिया पर बड़ी कार्रवाई की है। सेक्टर-104 स्थित हाजीपुर के खसरा नंबर-412 में लगभग 7,950 वर्गमीटर जमीन पर निर्माण को ध्वस्त कर दिया।

यह कार्रवाई भूलेख विभाग की ओएसडी हर्षिता तिवारी, ओएसडी इंदु प्रकाश सिंह, महाप्रबंधक सिविल अशोक कुमार अरोड़ा और वर्क सर्किल आठ के वरिष्ठ प्रबंधक रोहित कुमार के नेतृत्व में की गई।

इस दौरान कुछ लोग ध्वस्तीकरण का विरोध करने पहुंचे, लेकिन मौके पर तैनात अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों की सूझबूझ से उन्हें शांत कर वापस भेज दिया गया।

भू-माफिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज

यह वही इमारत है, जिसके निर्माण पर रोक लगाने गई वर्क सर्किल आठ की टीम को भू-माफिया ने घेर लिया था। वर्क सर्किल आठ के प्रबंधक दीपक कुमार को इमारत के अंदर घसीटकर डीजल डालकर आग लगाने का प्रयास किया गया था। इसके बाद प्राधिकरण ने भू-माफिया के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई थी।

सेक्टर-104 के इस खसरा नंबर-412 में चल रहा कानूनी विवाद अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है। हाल ही में गौतमबुद्धनगर की अपर सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत ने प्राधिकरण के खिलाफ जारी एक पक्षीय स्थगनादेश को खारिज कर दिया है।

2002 में अधिग्रहित की गई

प्राधिकरण के अनुसार, यह जमीन वर्ष 2002 में अधिग्रहित की गई थी, जबकि वर्ष 2023 में यहां कथित तौर पर पांच मंजिला कमर्शियल कॉम्प्लेक्स का निर्माण शुरू हुआ। अब कानूनी अड़चन हटने के बाद आगे की नियमानुसार कार्रवाई की तैयारी की गई थी, जिसे शुक्रवार को अंजाम दिया गया।

नोएडा प्राधिकरण के ओएसडी इंदु प्रकाश सिंह ने बताया कि प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करुणेश ने अवैध कब्जों से भूमि को मुक्त कराने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं।

हाजीपुर का मामला इस अभियान के तहत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। तीन वर्षों से अदालत में अटका यह मामला अब स्थगनादेश खारिज होने के बाद नए चरण में पहुंच गया है। अब सभी की निगाह नोएडा प्राधिकरण की अगली कार्रवाई पर है।

कमर्शियल कॉम्प्लेक्स का निर्माण शुरू

यह जमीन वर्ष 2002 में नियमानुसार अधिग्रहित हो चुकी थी, फिर भी वर्ष 2023 में इस पर कमर्शियल कॉम्प्लेक्स का निर्माण शुरू किया गया। अदालत के हालिया फैसले के बाद यह सवाल उठता है कि क्या इस निर्माण पर जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।

निश्याम बिल्डकान प्राइवेट लिमिटेड और हिमश्री हिमालय बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड ने वर्ष 2023 में इस भूमि पर कामर्शियल निर्माण शुरू किया था। प्राधिकरण ने इसे अपनी अधिग्रहित भूमि पर अनधिकृत निर्माण मानते हुए कार्रवाई की कोशिश की थी।

स्थगनादेश को खारिज किया

12 अप्रैल 2023 को अदालत से प्राधिकरण के खिलाफ एक पक्षीय स्थगनादेश प्राप्त हुआ, जिसके कारण प्राधिकरण की कार्रवाई पर रोक लग गई। लगभग तीन वर्षों तक चले इस विवाद के बाद अदालत ने संबंधित पक्षों के दावों को निराधार मानते हुए स्थगनादेश को खारिज कर दिया।

इस फैसले के बाद प्राधिकरण की ओर से भूमि पर नियंत्रण स्थापित करने और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करने की स्थिति मजबूत हुई है। अब प्राधिकरण के सामने कार्रवाई का रास्ता खुल गया है, लेकिन आगे की कार्रवाई संबंधित प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही होगी।

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