दिल्ली स्वास्थ्य विभाग में दवा खरीद घोटाले पर बड़ी कार्रवाई, कई अधिकारी निलंबित और गिरफ्तार

News Desk
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नई दिल्ली। दिल्ली स्वास्थ्य विभाग में दवा और चिकित्सा उपकरणों की खरीद में भ्रष्टाचार का मामला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर सभी अस्पतालों में खरीद व ठेका प्रक्रिया की जांच चल रही है।

उन्होंने मंत्रियों और अधिकारियों को भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टालरेंस’ की नीति अपनाने का निर्देश दिया है। व्यवस्था में सुधार के लिए स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य विभागों में प्रशासनिक फेरबदल भी किए जा रहे हैं। मई में दिल्ली सतर्कता निदेशालय को दवाइयों और चिकित्सा उपकरणों की केंद्रीय खरीद में अनियमितता की शिकायत मिली थी।

सीपीए कार्यालयों पर छापेमारी, दस्तावेज जब्त

इस पर सतर्कता विभाग की टीम ने सेंट्रल प्रोक्योरमेंट एजेंसी (सीपीए) के कार्यालयों पर छापेमारी की और खरीद से जुड़े अहम दस्तावेज जब्त किए थे।

मुख्यमंत्री ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत मुख्य आरोपियों के खिलाफ तुरंत जांच की मंजूरी दी। उनके निर्देश पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने तत्काल एफआइआर दर्ज की।

पूर्व डीजीएचएस समेत कई अधिकारी निलंबित, दो गिरफ्तार

पूर्व स्वास्थ्य महानिदेशक (डीजीएचएस) डाॅ. वत्सला अग्रवाल और सीपीए के प्रमुख डाॅ. विनोद कुमार रंगा समेत कई शीर्ष अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया। बाद में एसीबी ने इन दोनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया।

एक डेटा असिस्टेंट को बर्खास्त करने के साथ ही एक फार्मासिस्ट सहित तीन लोगों को निलंबित किया गया है। ईडी ने भी जांच तेज कर दी है। आने वाले दिनों में कुछ और लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है।

स्वास्थ्य विभाग में बड़े पैमाने पर तबादले

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारियों को उनके पद से हटाने के साथ ही 75 डाक्टरों व कई स्वास्थ्य कर्मियों का स्थानांतरण कर दिया है। तिहाड़ और मंडोली जेल के अस्पतालों में पांच वर्ष से अधिक समय से जमे डाॅक्टरों को हटाकर व्यवस्था को पारदर्शी बनाने का बड़ा कदम उठाया गया है।

भाजपा नेताओं ने सरकार की कार्रवाई का किया समर्थन

दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा का कहना है कि जैसे ही मुख्यमंत्री को अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत से हुए भ्रष्टाचार की जानकारी मिली, उन्होंने तुरंत जांच के आदेश दे दिए, इसी वजह से गिरफ्तारियां भी हो रही हैं।

भाजपा के मुख्य सचेतक अभय वर्मा का भी कहना है कि मुख्यमंत्री ने स्वयं संज्ञान लेकर कार्रवाई की और सतर्कता व एसीबी जांच के आदेश दिए। आरोपित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है।

भ्रष्टाचार के विरुद्ध यह बड़ी कार्रवाई सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इसके अलावा, जीएसटी विभाग में भी 100 से अधिक अधिकारियों के तबादले किए गए हैं।

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