50 दिन से धरने पर कनावनी के किसान, गांधी जयंती पर मौन रखकर प्रशासन को दिया अनोखा संदेश

News Desk
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“न कुछ दिखाई दे रहा है, न सुनाई दे रहा है, न प्रशासन कुछ बोल रहा है” — नाम बहाली तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान

ग्राम कनावनी के किसानों के धरने को आज 50 दिन पूरे हो गए। गांधी जयंती के अवसर पर धरना स्थल पर किसानों ने मौन रखकर अपने शांतिपूर्ण संघर्ष और संकल्प को दोहराया। किसानों ने कहा कि 50 दिन बीत जाने के बावजूद उनकी मांगों पर प्रशासन और प्राधिकरण द्वारा अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई है।
गांधी जयंती के मौके पर कनावनी के किसानों ने अपने अनोखे अंदाज में प्रशासन को संदेश दिया। किसानों ने कहा कि “प्रशासन को न कनावनी के किसानों की आवाज सुनाई दे रही है, न किसानों की परेशानी दिखाई दे रही है और न ही प्रशासन इस मामले में कुछ बोल रहा है।” किसानों का कहना है कि लंबे समय से शांतिपूर्ण तरीके से धरना देने के बावजूद उनकी समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया जा रहा है
किसानों का आरोप है कि अधिकारी माननीय न्यायालय के आदेशों का पालन नहीं कर रहे हैं और न्यायालय के निर्देशों के विपरीत कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है। किसानों के अनुसार न्यायालय द्वारा निर्धारित समय-सीमा में या तो किसानों को उनकी भूमि का भुगतान किया जाना था अथवा भूमि किसानों को वापस की जानी थी। समय-सीमा बीत जाने के बाद भी किसानों के राजस्व अभिलेखों में नाम बहाल नहीं किए गए हैं और दूसरी ओर प्राधिकरण द्वारा मुआवजे के लिए अवॉर्ड तैयार करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
किसानों ने कहा कि अब बहुत हो चुका है। प्राधिकरण को किसानों की मांगों और न्यायालय के आदेशों को गंभीरता से लेना होगा। किसानों का कहना है कि यदि उनकी मांगों की अनदेखी जारी रही तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा और किसान अपने अधिकारों के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ने से पीछे नहीं हटेंगे।
किसानों ने यह भी बताया कि मामले में कुछ अधिकारियों के खिलाफ माननीय हाईकोर्ट से अवमानना के नोटिस जारी किए जा चुके हैं। किसानों के अनुसार कार्यकारी अधिकारी, विकास प्राधिकरण नंदकिशोर कलाल, एडीएम भू-अर्जन अवनीश कुमार सिंह तथा लखनऊ के डॉ. बलकार सिंह को न्यायालय द्वारा अवमानना संबंधी नोटिस जारी किए गए हैं। इसके बावजूद किसानों का आरोप है कि प्राधिकरण अपनी कार्रवाई जारी रखते हुए अवॉर्ड तैयार करने की प्रक्रिया में लगा हुआ है।
किसान परवीन नागर और अशोक कसाना ने कहा कि कनावनी के किसान अब पूरी तरह एकजुट और संगठित हैं। आसपास के गांवों से भी किसानों को लगातार समर्थन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि किसान न डरेंगे, न झुकेंगे और न ही किसी भी परिस्थिति में पीछे हटेंगे। जब तक किसानों के नाम खसरा-खतौनी एवं राजस्व अभिलेखों में बहाल नहीं किए जाते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

उन्होंने कहा कि किसानों की अनदेखी प्राधिकरण के लिए भारी पड़ सकती है और आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

धरना स्थल पर सुखबीर नागर, महेंद्र नागर, श्रीचंद नागर, चतर सिंह नागर, जयपाल नागर, अंतराज कसाना, विजय नागर, परवीन नागर, सतीश नागर, अशोक कसाना सहित अन्य किसान मौजूद रहे।

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