नई दिल्ली- इंडिगो एयरलाइंस में पिछले दो दिनों से लगातार चल रही परिचालन समस्याओं ने हवाई यात्रियों की मुश्किलें कई गुना बढ़ा दी हैं। देश के अलग–अलग हवाई अड्डों पर हजारों यात्री फंसे हुए हैं और अपनी उड़ानों को लेकर जानकारी पाने के लिए परेशान घूमते दिख रहे हैं। केवल दिल्ली एयरपोर्ट पर ही बुधवार को 150 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी गईं, जिसके चलते कई लोग टर्मिनल पर ही रुकने को मजबूर हो गए।
केरल, गुजरात और गोवा के एयरपोर्ट पर भी अव्यवस्था
समस्या सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं रही। गुरुवार सुबह तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट पर भी इंडिगो ने अचानक कई उड़ानें रद्द कर दीं, जबकि चार फ्लाइट्स घंटों की देरी से उड़ान भरती दिखीं। इससे यात्रियों की लंबी कतारें लग गईं और एयरपोर्ट स्टाफ भी हालात संभालने में संघर्ष करता नजर आया।
इसी तरह अहमदाबाद एयरपोर्ट पर भी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के रद्द होने व देरी से चलने के कारण यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जेद्दा से आए एक यात्री ने अपनी व्यथा बताते हुए कहा—
“कल फ्लाइट कैंसिल हुई, जेद्दा में रुकना पड़ा। अब यहां आए तो अंदर भी नहीं जाने दे रहे। कनेक्टिंग फ्लाइट फिर लेट है। रहने और खाने का भी कोई इंतजाम नहीं बताया गया।”
गोवा के डाबोलिम एयरपोर्ट पर भी लोगों ने नाराजगी जताई। रायपुर जाने वाले एक यात्री का कहना था कि उनकी फ्लाइट रद्द कर दी गई और उन्हें अगली सुबह की फ्लाइट लेने को कहा गया, वह भी इस भरोसे के बिना कि उड़ान चलेगी भी या नहीं।
दिल्ली व हैदराबाद में सबसे अधिक हंगामा
राजधानी दिल्ली में यात्रियों का धैर्य टूटता नजर आया। बड़ी संख्या में लोग एयरलाइन के काउंटरों पर जानकारी की मांग करते रहे और कुछ यात्री नाराज होकर नारेबाजी भी करने लगे। हैदराबाद में भी गुरुवार को 37 फ्लाइट्स रद्द रहीं और सैकड़ों यात्री रातभर एयरपोर्ट पर ही रुके रहे। कई लोगों ने शिकायत की कि उन्हें घंटों तक बिना किसी स्पष्ट सूचना के ‘क्रू के आने’ का इंतजार कराया गया।
एक यात्री ने सोशल मीडिया पर लिखा—
“12 घंटे इंतजार कराया, कोई होटल नहीं, न कोई व्यवस्था। बस कहा जा रहा था— क्रू आने वाला है।”
सरकार की सख्ती, इंडिगो से जवाब तलब
बढ़ते विरोध और शिकायतों के बीच नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने इंडिगो को कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने एयरलाइन से कहा है कि संभावित उड़ान रद्द होने पर यात्रियों को पहले से स्पष्ट सूचना दी जाए और परिचालन को तुरंत सामान्य किया जाए।
साथ ही यह भी चेतावनी दी गई कि मौजूदा स्थिति का हवाला देकर किराए में बढ़ोतरी नहीं की जानी चाहिए।
