नई दिल्ली- राजधानी दिल्ली में जहरीली हवा का स्तर एक बार फिर खतरनाक सीमा के करीब पहुँच गया है। शुक्रवार सुबह आनंद विहार, अक्षरधाम और आईटीओ जैसे प्रमुख इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 से ऊपर दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के रिकॉर्ड के अनुसार, आनंद विहार और अक्षरधाम में एक्यूआई 348 तक पहुंच गया, जबकि इंडिया गेट पर यह 267 रहा।
सुबह-सुबह शहर धुंध की मोटी परत में लिपटा दिखाई दिया। प्रदूषण कम करने के लिए आईटीओ इलाके में लगाए गए मिस्ट स्प्रे सिस्टम लगातार सक्रिय हैं। इसके बावजूद इलाके का एक्यूआई 319 दर्ज किया गया, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है।
तेज हवा का असर दिखा, लेकिन हवा अब भी बेहद खराब
बीते 24 घंटों में चली तेज हवाओं के कारण हवा की गुणवत्ता में थोड़ी सुधार देखने को मिला, लेकिन विशेषज्ञों के मुताबिक यह राहत बहुत ज्यादा समय तक टिकने वाली नहीं है। गुरुवार को दिल्ली में एक्यूआई 304 दर्ज किया गया था। दोपहर तक पीएम10 स्तर 251 और पीएम2.5 का स्तर 137 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा—दोनों मानक सामान्य से कई गुना अधिक।
CPCB के पूर्वानुमान के अनुसार, रविवार तक हालात लगभग इसी स्तर पर बने रहने की आशंका है। सांस के मरीजों, बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति बेहद खतरनाक मानी जा रही है।
एनसीआर भी नहीं बचा: नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम में हवा दमघोंटू
दिल्ली के आसपास के शहरों में भी हवा की गुणवत्ता गंभीर बनी हुई है।
-
नोएडा: 308
-
गाजियाबाद: 302
-
गुरुग्राम: 293
-
ग्रेटर नोएडा: 285
ये सभी आंकड़े ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज किए गए।
दिल्ली में प्रदूषण के प्रमुख कारणों में वाहन उत्सर्जन (13.74%), औद्योगिक धुआं (6.75%), घरों से निकलने वाला प्रदूषण (3.34%) और निर्माण गतिविधियाँ (1.89%) शामिल हैं।
दिल्ली में कैंसर के बढ़ते मामले, कांग्रेस ने सरकार को घेरा
आईसीएमआर-नेशनल कैंसर रजिस्ट्री प्रोग्राम की हालिया रिपोर्ट ने चिंता और बढ़ा दी है। रिपोर्ट के अनुसार,
-
2024 में: 28,387
-
2023 में: 27,561
-
2022 में: 26,735
नए कैंसर मामलों के साथ दिल्ली देश में इस बीमारी के मामलों के अनुपात के हिसाब से सबसे खराब स्थिति में है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि राजधानी में न तो आधुनिक कैंसर अस्पताल हैं और न ही पर्याप्त स्क्रीनिंग सुविधाएं। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली में नकली दवाओं का धंधा मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहा है।
मिस्ट स्प्रे सिस्टम से उम्मीद, 305 जगहों पर लगाया जाएगा
प्रदूषण नियंत्रण को लेकर सरकार ने 305 स्थानों पर हाई-प्रेशर मिस्ट स्प्रे सिस्टम लगाने की प्रक्रिया शुरू की है।
-
इसके लिए 9 प्रमुख प्रदूषण हॉटस्पॉट चिन्हित किए गए हैं।
-
आईटीओ में यह सिस्टम पहले ही शुरू किया जा चुका है।
आरओ ट्रीटेड पानी को प्रेशर नोजल से फुहार के रूप में छोड़ा जाता है, जिससे हवा में मौजूद धूलकण नीचे बैठ जाते हैं।
एनडीएमसी क्षेत्र में इस तकनीक का ट्रायल सफल रहा था, जिसके बाद इसे पूरे शहर में लागू करने का निर्णय लिया गया।
MCD 311 ऐप से शिकायतें अब आसान
मुख्यमंत्री ने नागरिकों से सड़क पर उड़ती धूल, खुले कूड़े, गड्ढों और नगर निगम से जुड़ी समस्याओं के लिए एमसीडी 311 ऐप का उपयोग करने की अपील की है।
-
शिकायतें जियो-टैग फोटो के साथ दर्ज की जा सकती हैं।
-
एजेंसियों को 72 घंटे भीतर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
आने वाले कुछ हफ्तों में 9 हॉटस्पॉट पर मिस्ट सिस्टम लगाने का काम पूरा होने की उम्मीद है।

