मुरादनगर में गरजे योगी, बोले- आस्था के मार्ग को अब कोई नहीं रोक सकता

News Desk
3 Min Read

गाजियाबाद। कांग्रेस और सपा आज आस्था की बात कर रही हैं, यह हास्यास्पद है। ये वही लोग हैं जो कि कांवड़ यात्रा को रोक देते थे। व्यापारियों पर बम फेंकने पर इनको आपत्ति नहीं होती है, इनको `हर हर` और `बम बम` बोलने पर आपत्ति होती है।

यह बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को मुरादनगर में तेजपाल सिंह त्यागी व कुशलपाल त्यागी मेमोरियल डिग्री कालेज में पूर्व मंत्री स्वर्गीय राजपाल त्यागी की प्रतिमा का अनावरण करने के बाद जनता को संबोधित करते हुए कहीं। इस दौरान उन्होंने 868 करोड़ रुपये की 90 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया।

उन्होंने कहा कि सपा के शासनकाल में उत्तर प्रदेश में कृष्ण जन्मोत्सव और राम नवमी पर जुलूस व शोभायात्रा को रोक दिया जाता था। कांवड़ यात्रा पर रोक लगा दी जाती थी।

जब 2017 में उत्तर प्रदेश में डबल इंजन की सरकार बनी तो कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले बैठक में अधिकारियों ने पुराना शासनादेश दिखाया, जिसमें बताया गया था कि कांवड़ यात्रा में दंगे हो सकते हैं, इस वजह से इसे रोका जाना चाहिए।

तब मैंने कहा कि कांवड़ यात्रा में शिवभक्त कांवड़ लेकर आते हैं, उनको सुरक्षा और सुविधा देना हमारा कार्य है। अधिकारियों ने दंगा होने की आशंका जताई तो कहा कि सच्चा शिव भक्त दंगा नहीं करता है। कांवड़ यात्रा में दंगा नहीं होगा इसकी मैं गारंटी लेता हूं।

आस्था का महत्व नहीं समझने वालों ने कांवड़ यात्रा को रोका- योगी

आज देश के अंदर सबसे बड़ी कांवड़ यात्रा हरिद्वार से गाजियाबाद के बीच होती है। आस्था का महत्व नहीं समझने वाले कांवड़ यात्रा को रोकते थे, अब कांवड़ यात्रा को कोई नहीं रोक सकता है।

उन्होंने कांवड़ियों से अपील करते हुए कहा कि मर्यादा और अनुशासन में रहकर कांवड़ यात्रा लेकर आएं, इसके बाद यदि कुछ होता है तो उसे डबल इंजन की सरकार देख लेगी। किसी प्रकार की चिंता करने की जरूरत नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आस्था वह नहीं है जिसे सपा और कांग्रेस वोट बैंक के रूप में भुनाने का प्रयास कर रही है। आस्था यह है कि आज आज दूधेश्वरनाथ मंदिर में और पुरा महादेव में भव्य कारिडोर का निर्माण कार्य किया जा रहा है।

अयोध्या, काशी और विंध्यवासिनी धाम में विकास कार्य कराकर उनकाे नया रूप दिया जा रहा है, जिससे कि श्रद्धालुओं को परेशानी न हो। कावंड़ियों के लिए तो अब गाजियाबाद से हरिद्वार तक कांवड़ मार्ग भी बन गया है।

Share This Article
Leave a Comment