साहिबाबाद। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, प्रशासन और विद्युत निगम संयुक्त अभियान चलाकर लगातार अवैध फैक्ट्रियों के कनेक्शन काटने और सील करने की कार्रवाई कर रहे हैं।
इस वर्ष जनवरी से लेकर जून तक 470 फैक्ट्रियों के कनेक्शन काटने और सील करने का दावा किया जा रहा है, लेकिन इसमें बड़ा खेल किया जा रहा है।
सूत्रों ने बताया कि जिन फैक्ट्रियों को पर कार्रवाई की गई उनमें से बड़ी संख्या में फैक्ट्रियों से 30 से 50 हजार रुपये लेकर बिजली कनेक्शन जोड़ दिए गए। अब वह फैक्ट्री धड़ल्ले से संचालित हो रही हैं। इसको लेकर विद्युत निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में लगातार शिकायतें आ रही हैं।
ट्रांस हिंडन क्षेत्र और लोनी क्षेत्र के बेहटा हाजीपुर, ट्रोनिका सिटी, गगन विहार, भोपुरा, डिफेंस कालोनी, पंचशील कालोनी, राजीव कालोनी, कृष्णा विहार कुटी, टीला मोड़ आदि में धड़ल्ले से अवैध फैक्ट्रियां संचालित की जा रही हैं। इनमें वायु और जल को प्रदूषित करने वालीं फैक्ट्रियां शामिल हैं।
क्षेत्र में रहने वाले लोग भी परेशान
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आदेश पर अवैध फैक्ट्रियों के खिलाफ कार्रवाई तो की जा रही है, लेकिन उसके नतीजे प्रदूषण रोकथाम के बजाय कुछ और ही सामने आ रहे हैं।
एक तरफ फैक्ट्रियों के कनेक्शन काटने और सील करने की कार्रवाई की जा रही है, दूसरी ओर कुछ दिन बाद ही फिर से चालू कर दी जाती हैं। इससे इन क्षेत्रों में रहने वाले लोग भी परेशान हैं।
जब उनसे बात की गई तो उन्होंने नाम न लिखने की शर्त पर बताया कि इसकी जानकारी अधिकारियों को रहती है। क्योंकि विद्युत कर्मी और प्रदूषण कर्मी अधिकारियों के नाम पर ही ये वसूली कर रहे हैं। सील की गई फैक्ट्री मुश्किल से एक से दो सप्ताह तक ही बंद रहती हैं। इसके बाद अधिकारियों से मिलीभगत कर खोल दी जाती हैं।
शिकायतकर्ता तरुण ने बताया कि बेहटा हाजीपुर में 16 जनवरी को कार्रवाई करते हुए कास्टिंग और ढलाई की 18 फैक्ट्रियों को सील किया गया था। अब उनमें से ज्यादातर संचालित हो रही हैं।
आरोप है कि इनके कनेक्शन जोड़ने और सील हटाने के नाम पर बड़ी राशि वसूली गई। इसके अलावा 10 जून को भोपुरा की डिफेंस कालोनी और गगन विहार में 14 फैक्ट्रियों के कनेक्शन काटे गए। इन फैक्ट्रियों के भी कनेक्शन जोड़ दिए गए हैं।
सात वर्ष में 2293 फैक्ट्रियों पर हुई कार्रवाई
बीते करीब सात वर्ष में उत्तर प्रदूषण प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, विद्युत निगम और जिला प्रशासन ने 2293 फैक्ट्रियों पर संयुक्त कार्रवाई की है। सबसे अधिक फैक्ट्रियों पर इस वर्ष कार्रवाई की गई है। अभी तक करीब 470 फैक्ट्रियों के कनेक्शन काटने और सीलिंग की कार्रवाई की गई है। जो बीते सात वर्षों का सबसे अधिक है। इसके बाद भी हजारों फैक्ट्रियों का संचालन धड़ल्ले से किया जा रहा है।
छह वर्ष में फैक्ट्रियों पर की गईं कार्रवाई
| वर्ष | कुल फैक्ट्री |
|---|---|
| 2020 | 180 |
| 2021 | 353 |
| 2022 | 380 |
| 2023 | 308 |
| 2024 | 294 |
| 2025 | 307 |
| 2026 | 470 |
अगर कोई भी विद्युतकर्मी प्रदूषण बोर्ड की बिना अनुमति के फैक्ट्रियों के कनेक्शन जोड़ रहा है तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। इसके लिए जांच कराई जाएगी।
-नरेश भारती, मुख्य अभियंता, विद्युत निगम जोन-दो।
जिन फैक्ट्रियों के कनेक्शन काटने की कार्रवाई की गई, उनके कनेक्शन जोड़ने की शिकायत मिली है। इसके लिए विद्युत निगम और जिलाधिकारी को पत्र लिखा जाएगा। साथ ही जांच भी की जाएगी। अगर प्रदूषण बोर्ड का कोई कर्मी शामिल हैं तो कड़ी कार्रवाई होगी।
-अंकित सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।

