साहिबाबाद। ट्रांस हिंडन क्षेत्र में मानकों के विपरीत बने स्पीड ब्रेकर लोगों की जिंदगी पर ब्रेक लगा रहे हैं। इन अवैध स्पीड ब्रेकर बनाने में न तो नियमों का पालन होता है और न ही तय मानक पूरे किए जाते हैं।
ऐसे में पूर्व में हुए हादसे के दौरान कुछ लोगों की जान भी स्पीड ब्रेकर पर उछलने से हुई है। इसके अलावा रीढ़ और कमर दर्द भी स्पीड ब्रेकर बढ़ा रहे हैं।
शालीमार गार्डन के अलावा इंदिरापुरम के अभखंड की कई सोसायटियों के पास, वैशाली, वसुंधरा व अन्य कई क्षेत्रों में बने स्पीड ब्रेकर माैत को दावत दे रहे हैं।
कुछ जगह लोगों ने खुद ही स्पीड ब्रेकर बनवा लिए हैं, इसकी जानकारी नगर निगम या अन्य संबंधित विभागों को तक नहीं होती है। क्षेत्र में अवैध रूप से बन रहे दैनिक जागरण की टीम ने शुक्रवार को इसकी पड़ताल की।
वसुंधरा सेक्टर 1, 2, 4, 10, और 16 के मुख्य मार्गों और डिवाइडर कटों पर बिना मानक वाले स्पीड ब्रेकर आए दिन दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं। इसके अलावा वसुंधरा सेक्टर 16, वैशाली, इंदिरापुरम, राजेंद्रनगर व अन्य क्षेत्र में बने स्पीड ब्रेकर पर पेंट नहीं है। दूर से ये स्पीड ब्रेकर नहीं दिखते।
पास आने पर लोग हादसे का शिकार हो जाते हैं।नगर निगम निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता ने बताया कि नियमानुसार निगम पुलिस की अनुमति से स्पीड ब्रेकर का निर्माण कराता है। जहां लोग खुद से स्पीड ब्रेकर बना रहे हैं, वहां पुलिस को कार्रवाई करनी चाहिए।
पूर्व में भी हुए हैं हादसे
राजेंद्र नगर में करीब दो महीने पूर्व छह जून को आरएम ब्लाक सोसायटी के सामने हुए स्पीड ब्रेकर से उछलकर गिरे युवक की जान चली गई थी। करीब दो साल पहले नीतिखंड-एक में मोहित पाठक की स्कूटी इंदिरापुरम की शिप्रा रिवेरा सोसायटी के सामने ऊंचे स्पीड ब्रेकर से उछल गई और वह घायल हो गए थे। यहां भी हादसे का कारण अवैध रूप से बनाया गया स्पीड ब्रेकर रहा।
स्पीड ब्रेकर पर पेंट और रिफ्लेक्टर नहीं
इंदिरापुरम के अभयखंड में गौर ग्रीन सोसायटी के पास सड़क पर स्पीड ब्रेकर पर पेंट नहीं किया गया है। इसके अलावा विंडसर, कृष्णा अप्रा, एसपीएस, महागुन मेंशन, लोटस पोंड, आम्रपाली ग्रीन, आम्रपाली रायल के पास स्पीड ब्रेकर मानकों के विपरीत बने हुए हैं।
दूर से न दिखने पर आवागन के दौरान दोपहिया वाहन चालक अनियंत्रित हो जाते हैं। इन पर रिफ्लेक्टर भी नहीं है। वैशाली और वसुंधरा में भी कई जगह स्पीड ब्रेकर मानकों के विपरीत बने हुए हैं। वैशाली सेक्टर- एक में फायर स्टेशन के पास, मोहन ढाबा के पास, रामप्रस्थ ग्रीन के पास स्पीड ब्रेकर पर न ही पेंट है और न ही रिफ्लेक्टर लगे हुए हैं।
ये हैं स्पीड ब्रेकर के मानक
- स्पीड ब्रेकर की ऊंचाई करीब 3 से 4 इंच और चौड़ाई 3.7 मीटर होनी चाहिए।
- दुर्घटनाओं को रोकने के लिए इन पर काले और सफेद रंग की धारियां बनी होनी चाहिए, ताकि रात या कोहरे में भी ये दूर से दिख सकें।
- स्पीड ब्रेकर से पहले सड़क पर चेतावनी देने वाले संकेतक लगाए जाने चाहिए।
इंदिरापुरम में कई जगह मानकों के विपरीत स्पीड ब्रेकर बने हुए हैं। इनसे गुजरते वक्त हादसे की आशंका बनी रहती है।
– संजय पांडे, निवासी साया गोल्ड सोसायटी इंदिरापुरम
इंदिरापुरम की करीब 10 सोसायटियों के पास स्पीड ब्रेकर मानकों के विपरीत बनाए गए हैं। इनसे गुजरते वक्त बहुत तेज झटका लगता है। कमर में दर्द हो जाता है।
– नरेश कुमार शर्मा, निवासी राजहंस सोसायटी इंदिरापुरम
स्पीड ब्रेकर से लोगों की हड्डियों पर असर पड़ रहा है । ओपीडी में रोज 20 से 30 मरीज ऐसे पहुंच रहे हैं, जो वाहन चलाते से कमर के दर्द से परेशान हो रहे हैं। रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर तक हो रहा है ।
– डॉ. विनय कांत, हड्डी रोग विशेषज्ञ, जिला एमएमजी अस्पताल
