गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन में प्रस्तावित एयरोसिटी को धरातल पर उतारने की कवायद तेज हो गई है। प्राधिकरण इसी सप्ताह भूमि अधिग्रहण का नोटिफिकेशन जारी करने की तैयारी में है।
इसके बाद जमीन मालिकों से नियमानुसार आपत्तियां और सुझाव लिए जाएंगे। बोर्ड पहले ही परियोजना के लिए जमीन जुटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे चुका है।
किसानों से सहमति बनाने का प्रयास
एयरोसिटी के लिए मोरटी, अटौर और मेवला अगरी गांवों की करीब 200 हेक्टेयर जमीन जुटाई जानी है। इसके लिए लगभग 2812 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। जीडीए की प्राथमिकता लैंड पूलिंग के जरिए जमीन लेने की है। इसके लिए किसानों से सहमति बनाने का प्रयास किया जाएगा।
सहमति नहीं बनने की स्थिति में अन्य निर्धारित विकल्पों से जमीन लेने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। एयरोसिटी को आधुनिक व्यावसायिक केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। यहां कॉमर्शियल हब के साथ होटल, कार्यालय और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के लिए सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
आर्थिक व व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा
प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम को भी एयरोसिटी क्षेत्र से जोड़ा गया है। ऐसे में एयरोसिटी के विकास से राजनगर एक्सटेंशन और आसपास के गांवों में आर्थिक व व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
बता दें कि प्राधिकरण ने जमीन लेने के लिए दरें भी तय की हैं। अटौर में जमीन के लिए 14,520 रुपये, मोरटी में 17,400 रुपये और मेवला अगरी में 3,200 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर प्रस्तावित है। जीडीए उपाध्यक्ष नन्द किशोर कलाल ने बताया कि एयरोसिटी के लिए आज अधिसूचना जरी की जाएगी।
