गृह मंत्रालय में भ्रष्टाचार पर बड़ा प्रहार: FCRA रजिस्ट्रेशन के नाम पर रिश्वत लेने वाले दो अधिकारी गिरफ्तार

News Desk
2 Min Read

नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्रालय के विदेशी योगदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) पंजीकरण में मदद करने के नाम पर रिश्वत मांगने के आरोप में गृह मंत्रालय के दो अधिकारियों को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किया है। स्पेशल सेल ने केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर यह कार्रवाई की है।

गृह मंत्रालय ने मंगलवार को जानकारी दी कि गिरफ्तार किए गए दोनों अधिकारियों में एक वरिष्ठ लेखाकार और दूसरा लेखाकार शामिल हैं। इन्हें 28 सितंबर को नई दिल्ली से गिरफ्तार किया गया।

मंत्रालय के अनुसार, इनमें से एक आरोपित वर्तमान में गृह मंत्रालय के फारेनर्स डिवीजन में तैनात है, जबकि दूसरा वर्तमान में वेतन और लेखा कार्यालय में है। दूसरा आरोपित भी पहले फारेनर्स डिवीजन में अपनी सेवाएं दे चुका है।

शुरुआती पूछताछ से यह सामने आया है कि ये दोनों अधिकारी कुछ संगठनों के संपर्क में थे और एफसीआरए के तहत उनके पंजीकरण तथा नवीनीकरण को आसान बनाने के एवज में पैसों की मांग कर रहे थे।

मंत्रालय ने साफ की ‘जीरो-टॉलरेंस’ की नीति

गृह मंत्रालय ने बताया कि मामले की गहन जांच जारी है और आरोपित अधिकारियों के खिलाफ उचित कानूनी तथा विभागीय कार्रवाई की जा रही है।

मंत्रालय ने भ्रष्टाचार के प्रति अपनी ”जीरो-टालरेंस” नीति को दोहराते हुए स्पष्ट किया है कि एफसीआरए से जुड़ी सभी सेवाएं आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से पूरी तरह आनलाइन प्रदान की जाती हैं।

गृह मंत्रालय ने साफ कहा है कि एफसीआरए से जुड़ी किसी भी सेवा में सहायता के लिए किसी भी बिचौलिए, एजेंट या व्यक्ति को अधिकृत नहीं किया गया है।

Share This Article
Leave a Comment