नोएडा। लखनऊ में अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आवासीय सेक्टरों व गांव की जमीन पर बेसमेंट में संचालित वाणिज्यिक गतिविधि, कोचिंग सेंटर, नर्सिंग होम, पीजी समेत सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाली इमारतों पर कार्रवाई के निर्देश दिया था।
इस निर्देश के पालन में जिलाधिकारी की ओर से नोएडा प्राधिकरण को कार्रवाई के लिए पत्र भेजा, जिसमें एक अधिकारी नामित कर सीलिंग की प्रक्रिया शुरू कराने को कहा गया था, लेकिन कोई व्यापक कार्रवाई नहीं हो सकी।
पत्र प्राधिकरण कार्यालय से लापता
आश्चर्य चकित करने वाली बात यह है कि इस पत्र के आने की जानकारी तो प्राधिकरण अधिकारियों को है, लेकिन पत्र कहा है, कौन सा अधिकारी नोडल बनाया गया। इसकी जानकारी नहीं है। अब तो यह आदेश पत्र भी प्राधिकरण कार्यालय से लापता हो चुका है।
धीरे-धीरे पूरी तरह बंद हो गया
बता दें कि बेसमेंट में कोचिंग को लेकर कुछ जगहों पर जिला प्रशासन की ओर से अभियान चलाया गया, जिसमें वर्क सर्किल चार व आठ की ओर से सहयोग किया गया, लेकिन बाकी वर्क सर्किल में यह अभियान प्रभावी ढंग से संचालित नहीं हुआ, धीरे-धीरे पूरी तरह से बंद हो गया। इसलिए पीजी, नर्सिंग होम, वाणिज्यिक गतिविधियों की ओर काम ही नहीं हो सका।
नोएडा प्राधिकरण ओएसडी इंदु प्रकाश सिंह ने बताया कि कार्रवाई का पत्र जिलाधिकारी के पास आया है लेकिन यह पत्र कहा है, किसे नोडल बनाया गया। इसकी जानकारी नहीं है। यदि पुलिस या अन्य विभाग से सामंजस्य के लिए बताया जाता तो मेरे पास जानकारी होती।

