नोएडा। जेआईएल (जेपी इंफ्राटेक लिमिटेड) के खरीदार बुधवार को एनसीएलटी (नेशनल कंपनी लाॅ ट्रिब्यूनल) जानकारी लेने पहुंचे। खरीदारों की संख्या अधिक होने से सुरक्षा का हवाला देते हुए कोर्ट रूम में प्रवेश की अनुमति नहीं मिली। फिलहाल, बेंच ने मामले को 25 अगस्त के लिए स्थगित कर समिति से जल्द रिपोर्ट मांगी है।
तारीख पर तारीख गिन रहे खरीदार
- इस वर्ष 12 फरवरी को एनसीएलटी ने जेपी की परियोजनाओं में निर्माण का स्वतंत्र आंकलन करने के लिए दो पूर्व सदस्यों को नियुक्त किया था।
- 26 मई को सुनवाई हुई लेकिन रिपोर्ट दाखिल नहीं हुई।
- 15 जुलाई 2026 को भी रिपोर्ट का इंतजार रहा। खरीदार कोर्ट पहुंचे लेकिन प्रवेश नहीं मिला।
- बेंच ने मामले को 25 अगस्त के लिए स्थगित कर समिति से जल्द रिपोर्ट मांगी है।
अब आगे क्या?
परियोजना पूरी कर रही सुरक्षा रियल्टी को निर्माण प्रगति की विस्तृत रिपोर्ट और जनवरी से 15 जुलाई तक की गतिविधियों की तस्वीरें दाखिल करने का निर्देश दिया। 25 अगस्त को होने वाली सुनवाई में 50 खरीदारों को शामिल होने का मौका मिलेगा। बायर्स एसोसिएशन को शामिल होने वाली खरीदारों की सूची एनसीएलटी में देनी होगी।
निर्माण प्रगति बेहद धीमी
एनसीएलटी में जेआरईएडब्ल्यूएस (जेआईएल रियल एस्टेट अलाॅटी वेलफेयर सोसायटी) की वकील अमीशा रे की ओर से दाखिल किया गया था। इस मामले में निर्माण की प्रगति रिपोर्ट की निगरानी के एनसीएलटी के दो पूर्व सदस्यों को नियुक्त किया गया था। आरोप है कि कोडेवलपर को व्यवस्था संभालते हुए दो वर्ष हो चुके हैं। फिर भी निर्माण प्रगति बेहद धीमी है।
कोर्ट रूम में प्रवेश नहीं मिला
जेआरईएडब्ल्यूएएस के अध्यक्ष आशीष मोहन गुप्ता ने कहा कि हजारों घर खरीदार सालों से इंतजार कर रहे हैं। बुधवार को कई लोग काम छोड़कर पहुंचे लेकिन कोर्ट रूम में प्रवेश नहीं मिला। ज्वाइंट रजिस्ट्रार की पहल की सराहना करते हैं। 25 अगस्त को सुनवाई में शामिल होने के लिए 50 लोगों की सूची एसोसिएशन की ओर से सौंपी जाएगी।

