नोएडा: एडीसीपी स्वतंत्र कुमार सिंह को मिला वीरता पदक, अपराधियों के खिलाफ साहसिक कार्रवाई के लिए मिला सम्मान

News Desk
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ग्रेटर नोएडा: गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट के सेंट्रल नोएडा में अपर पुलिस उपायुक्त के पद पर तैनात स्वतंत्र कुमार सिंह को लखनऊ स्थित लोक भवन में आयोजित अलंकरण समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीरता पदक से सम्मानित किया। समारोह में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके साहस, कर्तव्यनिष्ठा और पुलिस सेवा में किए गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। स्वतंत्र कुमार सिंह का नाम भी सम्मानित पुलिसकर्मियों की सूची में शामिल रहा।

कौन हैं स्वतंत्र कुमार सिंह?

स्वतंत्र कुमार सिंह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के रहने वाले हैं। वह वर्ष 2012 बैच के PPS अधिकारी हैं। उन्होंने इतिहास विषय में स्नातकोत्तर यानी एमए की पढ़ाई की है। पुलिस सेवा के दौरान गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर समेत अलग-अलग स्थानों पर तैनाती के दौरान उन्होंने अपराध नियंत्रण से जुड़े कई अभियानों में भूमिका निभाई।

मार्च में उन्हें एसीपी पद से पदोन्नत कर अपर पुलिस उपायुक्त बनाया गया था। वर्तमान में वह सेंट्रल नोएडा के एडिशनल डीसीपी के रूप में तैनात हैं।

अपराधियों के खिलाफ साहसिक कार्रवाई

स्वतंत्र कुमार सिंह का नाम गाजियाबाद में भी कई महत्वपूर्ण पुलिस कार्रवाइयों से जुड़ा रहा है। वर्ष 2022 में गाजियाबाद में हुई एक पुलिस मुठभेड़ के दौरान वह पुलिस टीम का हिस्सा थे। इसी कार्रवाई के लिए उन्हें बाद में राष्ट्रपति के वीरता पदक के लिए चुना गया था। भारत सरकार के राजपत्र में भी उनका नाम वीरता पदक पाने वाले पुलिसकर्मियों में दर्ज है।

जनवरी 2025 में जारी सूची के मुताबिक, उस समय स्वतंत्र कुमार सिंह को पुलिस उपाधीक्षक के रूप में राष्ट्रपति के वीरता पदक के लिए चयनित किया गया था। रिपोर्टों में गाजियाबाद की कार्रवाई को इस सम्मान का आधार बताया गया था।

गाजियाबाद और नोएडा में तैनाती के दौरान वह अपराधियों के खिलाफ कई अभियानों में शामिल रहे हैं। हाल के मामलों में भी सेंट्रल नोएडा पुलिस की कार्रवाई के दौरान स्वतंत्र कुमार सिंह ने आरोपियों की गिरफ्तारी और बरामदगी से जुड़ी जानकारी साझा की है।

शूटिंग में भी बनाई पहचान

पुलिस सेवा के अलावा स्वतंत्र कुमार सिंह निशानेबाजी में भी रुचि रखते हैं। वर्ष 2022 में आयोजित उत्तर प्रदेश शूटिंग चैंपियनशिप में उन्होंने 12 बोर शॉटगन की विभिन्न स्पर्धाओं में हिस्सा लिया था।

जानकारी के अनुसार, उन्होंने उस चैंपियनशिप में एक स्वर्ण, तीन रजत और एक कांस्य पदक समेत कुल पांच पदक जीते थे।

कफ सिरप के अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई

गाजियाबाद और नोएडा में तैनाती के दौरान स्वतंत्र कुमार सिंह ने कोडिन कफ सिरप के अवैध कारोबार से जुड़े मामलों में भी कार्रवाई की। इसके अलावा अपराधियों के खिलाफ चलाए गए कई पुलिस अभियानों में उनकी भूमिका रही है।

उनकी पुलिसिंग में अपराध नियंत्रण, त्वरित कार्रवाई और मौके पर निर्णय लेने से जुड़े काम प्रमुख रहे हैं। इन्हीं सेवाओं और साहसिक कार्रवाइयों के लिए उन्हें अलग-अलग स्तर पर सम्मान भी मिल चुका है।

पहले भी मिल चुका है राष्ट्रपति वीरता पदक

स्वतंत्र कुमार सिंह को वर्ष 2025 में राष्ट्रपति के वीरता पदक के लिए चुना गया था। भारत सरकार के राजपत्र में दर्ज विवरण के मुताबिक, 27/28 मई 2022 की रात हुई पुलिस कार्रवाई में वह पुलिस टीम का हिस्सा थे और कार्रवाई के दौरान घायल भी हुए थे। इसी घटना के लिए उन्हें वीरता पदक प्रदान किया गया।

अब लखनऊ के लोक भवन में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा उन्हें सम्मानित किए जाने के साथ उनकी पुलिस सेवा से जुड़ी उपलब्धियों में एक और सम्मान जुड़ गया है।

लोक भवन समारोह में 87 इंटरसेप्टर वाहन भी रवाना

लखनऊ में आयोजित समारोह के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस विभाग के 87 नए इंटरसेप्टर वाहनों को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में पुलिसकर्मियों को वीरता और सेवा से जुड़े पदक प्रदान किए गए। साथ ही पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह की पुस्तक ‘संघर्ष’ का विमोचन भी किया गया।

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