नोएडा: दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गालियां देने वाली नोएडा की रुचिका सिंह लगातार चर्चा में है। पीएम मोदी के माफ करने के संदेश के बाद दिल्ली पुलिस ने उसके खिलाफ दर्ज एफआईआर खारिज कर दी है। अब उस पर कोई केस नहीं चलेगा। रुचिका ने भी एक वीडियो बनाकर देशवासियों से अपने कृत्य के लिए माफी मांगी है। बावजूद इसके उसे परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। धमकियों के चलते टीनएजर और उसकी मां को अब तक तीन बार घर बदलना पड़ा है। दरअसल, एफआईआर में दर्ज पता लीक होने के कारण ये समस्या सामने आ रही है।
रुचिका सिंह के वकील अनिल कुमार ने बताया कि एफआईआर दर्ज होने के बाद रुचिका सिंह और उसकी मां को लगातार दिक्कत हो रही है। वकील ने एफआईआर की वैधता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि शिकायत दर्ज होने के समय लड़की की उम्र सिर्फ़ 14 साल थी। 1 अगस्त को वह 15 साल की हो गई। यह FIR एक वकील की शिकायत पर आधारित थी, जिसमें उस वीडियो का जिक्र था जिसमें लड़की कथित तौर पर अपशब्द कहती हुई दिख रही थी। FIR में उसकी उम्र का जिक्र नहीं है। इसमें मानहानि, जानबूझकर अपमान करने और सार्वजनिक उपद्रव फैलाने वाले बयान देने जैसे BNS के तहत आरोप लगाए गए हैं।
अज्ञात जगह रहने चली गई रुचिका और मां
वहीं, रुचिका सिंह का दावा है कि उसे अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर रेप और जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। वकील के अनुसार, जब अनजान लोग और पुलिसकर्मी उनके नोएडा स्थित घर पर पहुंचने लगे, तो उन्हें अपनी सुरक्षा की चिंता हुई और वे फरीदाबाद में एक रिश्तेदार के घर चले गए। लेकिन धमकियां जारी रहने के कारण वे फिर से किसी अज्ञात जगह पर चले गए हैं।
10वीं की छात्रा है रुचिका, सैलून वर्कर नहीं: वकील
वकील ने कहा, वह 15 साल की नाबालिग है जो दिल्ली के एक स्कूल से ओपन स्कूलिंग सिस्टम के तहत 10वीं कक्षा में पढ़ रही है। सोशल मीडिया पर यह दावा गलत है कि रुचिका 25 साल की है और सैलून में काम करती है। उन्होंने यह भी बताया कि उसकी मां सिंगल पेरेंट हैं और प्राइवेट ट्यूशन पढ़ाकर परिवार का गुजारा करती हैं। लगातार परेशान किए जाने से टीनएजर और उसकी माँ पर गहरा असर पड़ा है।
घर पर धमकी देने पहुंच रहे लोग: वकील
वकील अनिल कुमार का दावा है चूँकि FIR की जानकारी में उनका पता लीक हो गया था, इसलिए राजनीतिक रूप से जुड़े लोग और उपद्रवी तत्व उनके घर पर आने लगे और सीधे तौर पर धमकियां देने लगे, जिनमें रेप की धमकियां भी शामिल थीं। अपनी जान के डर से उन्हें वहां से भागना पड़ा।

