दिल्ली की 1511 नियमित कॉलोनियों में विकास की जिम्मेदारी तय, विभागों को सौंपी गई भूमिकाएं

News Desk
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नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने पीएम-उदय योजना के तहत नियमित की गई 1,511 अनधिकृत कॉलोनियों में बुनियादी सुविधाओं के विकास और रखरखाव के लिए विभिन्न सरकारी एजेंसियों की जिम्मेदारियां तय कर दी हैं।

सरकार ने इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिससे इन कॉलोनियों में विकास कार्यों के क्रियान्वयन में स्पष्टता आएगी।

यह आदेश 1,511 अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने संबंधी अधिसूचना के बाद जारी किया गया है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली (अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वालों को संपत्ति के अधिकार की मान्यता) विनियमन, 2019 के तहत जारी निर्देशों में नागरिक सुविधाओं के विकास, संचालन और रखरखाव के लिए संबंधित विभागों की भूमिकाएं निर्धारित की गई हैं।

स्थानीय निकाय होंगे नोडल एजेंसी

सरकार के आदेश के अनुसार, जिस क्षेत्र में कॉलोनी स्थित है, वहां का संबंधित स्थानीय निकाय विकास कार्यों की योजना बनाने, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने, परियोजनाओं के क्रियान्वयन और उनके रखरखाव के लिए नोडल एजेंसी के रूप में काम करेगा।

किस विभाग को मिली कौन-सी जिम्मेदारी?

  • दिल्ली नगर निगम और नई दिल्ली नगरपालिका परिषद अपने-अपने क्षेत्रों में नागरिक सुविधाओं और नगरपालिका सेवाओं का संचालन करेंगे।
  • दिल्ली जल बोर्ड को पेयजल आपूर्ति और सीवरेज नेटवर्क विकसित करने तथा उसके रखरखाव की जिम्मेदारी दी गई है।
  • लोक निर्माण विभाग प्रमुख सड़कों के निर्माण, मरम्मत और रखरखाव का कार्य करेगा।

सरकार का कहना है कि नई व्यवस्था से नियमित की गई कॉलोनियों में विकास कार्यों में तेजी आएगी, विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित होगा और लाखों निवासियों को बेहतर बुनियादी सुविधाओं का लाभ मिलेगा।

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