गाजियाबाद। टैक्स के बकायेदारों को राहत देने के लिए शासन की एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) 15 अगस्त से लागू हो गई है, लेकिन योजना लागू होने के तीन दिन बाद भी इसकी वेबसाइट अपडेट नहीं हो सकी है।
ऐसे में नगर निगम ने योजना का लाभ देने के लिए ऑफलाइन कागज पर फार्म भरवाने शुरू कर दिए हैं। हालांकि, ऑफलाइन आवेदन करने के बाद भी योजना का लाभ वेबसाइट अपडेट होने के बाद ही मिल सकेगा।
संपत्ति करदाताओं पर 1100 करोड़ से ज्यादा बकाया
शहर में 60 हजार से अधिक संपत्ति करदाताओं पर 1100 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया है। बकायेदारों को सरचार्ज और ब्याज में 100 प्रतिशत छूट देने के लिए 15 अगस्त से 15 सितंबर तक ओटीएस योजना शुरू की गई है। इसके लिए लोगों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। लोग आवेदन करने के लिए ऑनलाइन वेबसाइट खोल रहे हैं, लेकिन वेबसाइट नहीं खुल रही है।
कभी-कभी वेबसाइट खुल भी जाती है तो आवेदन की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाती। इस वजह से लोग योजना का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। वेबसाइट अपडेट नहीं होने के कारण नगर निगम ने योजना के लिए ऑफलाइन फार्म भरने शुरू कर दिए हैं।
यदि किसी व्यक्ति को योजना का लाभ लेना है तो वह नगर निगम के जोनल कार्यालय में जाकर ऑफलाइन फार्म भर सकता है। फार्म भरने के बाद नगर निगम वेबसाइट अपडेट होने पर ऑफलाइन आवेदन को खुद ही ऑनलाइन करेगा। इसके बाद आवेदक को योजना का लाभ मिल सकेगा।
शासन की वेबसाइट से निगम की वेबसाइट होगी सिंक
गाजियाबाद नगर निगम की वेबसाइट पर सभी संपत्ति करदाताओं का डाटा उपलब्ध है। यह योजना शासन स्तर से शुरू की गई है। ऐसे में गाजियाबाद नगर निगम की टैक्स वेबसाइट को शासन की ओटीएस वेबसाइट से सिंक करना होगा।
अभी तक दोनों वेबसाइट सिंक नहीं हो सकी हैं। नगर निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी ने बताया कि शासन स्तर से ओटीएस की वेबसाइट को अपडेट किया जा रहा है। जब तक वेबसाइट अपडेट होती है, तब तक लोग नगर निगम के जोनल कार्यालय में जाकर आफलाइन आवेदन कर सकते हैं।
क्या है ओटीएस योजना?
हाउस टैक्स के बकायेदारों के लिए शासन की एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) राहत देने वाली योजना है। इसका उद्देश्य पुराने संपत्ति कर के बकाये की वसूली करना और करदाताओं को ब्याज व सरचार्ज के बोझ से राहत देना है। बकाया मूल हाउस टैक्स जमा करने पर ब्याज और सरचार्ज में पूरी छूट का प्रावधान है।
योजना में गृहकर के साथ जलकर और सीवर कर के बकायेदार भी शामिल हैं। उदाहरण के तौर पर किसी संपत्ति पर 50 हजार रुपये का मूल हाउस टैक्स बकाया है और देरी के कारण 20 हजार रुपये ब्याज व सरचार्ज जुड़ गया है। ओटीएस के तहत पात्र होने पर करदाता को मूल 50 हजार रुपये जमा करके बकाया निपटाने का अवसर मिलेगा।
