नोएडा। नेशनल कंपनी लाॅ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) नोएडा की एंटरटेनमेंट सिटी लिमिटेड (ईसीएल) में 4.26 प्रतिशत हिस्सेदारी के ट्रांसफर से जुड़े विवाद में परमेश कंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड (पीसीसीएल) के पक्ष में फैसला सुनाया।
सभी शेयरधारकों ने दी सहमति
ट्रिब्यूनल ने माना कि आइएलएंडएफएस (इंफ्रास्ट्रक्चर लीजिंग एंड फाइनेंसियल) की कंपनियों द्वारा पीसीसीएल को शेयरों का ट्रांसफर सही था। साथ ही, यूनिटेक होल्डिंग्स लिमिटेड ने राइट ऑफ फर्स्ट रिफ्यूजल (आओएफआर), ‘डीड ऑफ एडहेरेंस’ और पहले से नोटिस देने की ज़रूरतों के आधार पर जो आपत्तियां उठाई थीं, वे तब खत्म हो गई थीं। सभी शेयरधारकों ने 100 प्रतिशत प्रक्रिया पर सहमति दे दी थी।
अधिकारों को मान्यता देने का निर्देश
ट्रिब्यूनल ने कहा कि कानून के तहत शेयर आसानी से ट्रांसफर की जा सकने वाली संपत्ति हैं। ट्रिब्यूनल ने यूनिटेक की शेयर ट्रांसफर के खिलाफ चुनौती को खारिज करते हुए पीसीसीएल के अधिकारों को मान्यता देने का निर्देश दिया।
यह परियोजना मनोरंजन वाले स्थलों में एक
एनसीएलटी के आदेश के बाद एंटरटेनमेंट सिटी के पुनर्विकास का मार्ग साफ हो गया है।एंटरटेनमेंट सिटी में द ग्रेट इंडिया प्लेस (जीआइपी) माल, गार्डन्स गैलेरिया माल, वर्ल्ड्स आफ वंडर थीम पार्क, वाओ वाटर पार्क, किडजानिया, होटल, रिटेल एवं अन्य प्रमुख मनोरंजन सुविधाएं स्थित हैं। लगभग 147.4835 एकड़ में फैली यह परियोजना प्रतिष्ठित मनोरंजन वाले स्थलों में से एक रही है।
बनेगा लाइफस्टाइल डेस्टिनेशन प्वाइंट
अब यह परियोजना भूटानी इंफ्रा ग्रुप परमेष कंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड का हिस्सा होगी। भूटानी इंफ्रा के निदेशक आशीष भूटानी ने कहा कि एनसीएलटी के हालिया आदेश से लंबे समय से चले आ रहे मामले में महत्वपूर्ण कानूनी स्पष्टता आई है। हम इसे केवल एक कानूनी निर्णय नहीं, बल्कि संवाद, सहयोग और मूल्य सृजन के नए अवसर के रूप में देखते हैं।
एंटरटेनमेंट सिटी दिल्ली-एनसीआर की सबसे प्रतिष्ठित परियोजनाओं में से एक है। हमें विश्वास है कि यदि सभी हितधारक, विशेष रूप से यूनिटेक, साझा दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ते हैं, तो इस परियोजना को भारत के सबसे प्रतिष्ठित मनोरंजन, पर्यटन और लाइफस्टाइल डेस्टिनेशन के रूप में पुनः स्थापित किया जा सकता है।
इस तरह से रही थी हिस्सेदारी
एंटरटेनमेंट सिटी में अप्पू घर की 53 प्रतिशत हिस्सेदारी, ईसीएल की 4.26 और यूनीटेक की करीब 42 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। 2024 में भूटानी ग्रुप की पीसीसीएल कंपनी ने सभी के शत प्रतिशत शेयर 2024 में खरीद लिए थे। यूनीटेक ने तीन महीने पैसे रखने के बाद बिना ब्याज के लौटाए। इसको लेकर भूटानी ग्रुप की पीसीसीएल कंपनी ने एनसीएलटी में याचिका दायर की। इस पर सुनवाई में पीसीसीएल के हित में फैसला आया।
