
ग्रेटर नोएडा: यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में वर्ष 2009 से अपने आशियाने का सपना देख रहे लगभग 6 हजार आवंटियों के लिए राहत की खबर सामने आई है। वर्षों से प्लॉट के कब्जे का इंतजार कर रहे इन आवंटियों को अब जल्द ही अपने आवंटित प्लॉट मिलने की उम्मीद है।
यमुना प्राधिकरण ने आवासीय प्लॉटों के आंतरिक विकास (इंटरनल डेवलपमेंट) का कार्य लगभग पूर्ण कर लिया है और अब लीज-प्लान (लीज डीड/लीज एग्रीमेंट) जारी करने की तैयारी चल रही है। इसके बाद आवंटियों को प्लॉट का औपचारिक कब्जा मिलने की प्रक्रिया शुरू होगी, जिससे उनकी लंबित मांग पूरी होने की राह साफ हो गई है।
दरअसल, यमुना प्राधिकरण ने 2009 में आवासीय प्लॉटों की अपनी पहली बड़ी स्कीम के तहत करीब 21 हजार प्लॉट जारी किए थे। इनमें से बड़ी तादाद में लोगों को प्लॉट भी आवंटित हो गए, लेकिन जमीन से जुड़े विवाद और अदालती मामलों की वजह से कई प्लॉटों पर विकास कार्य अटका पड़ हुआ है।
आवंटियों को अपने प्लॉट के पूर्ण विकास और कब्जे के लिए सालों तक इंतजार करना पड़ा। अब प्राधिकरण ने अधिकांश विवादों को सुलझा लिया है और विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ा दी है। अधिकारियों का कहना है कि कई सेक्टरों में काम जल्द ही पूरा होने वाला है।
सेक्टर-18 में लगभग 1,700 प्लॉट, सेक्टर-20 में करीब 2,800 प्लॉट, सेक्टर-16 में 1,271 प्लॉट, जबकि सेक्टर-17 और 17A में मिलकर लगभग 75 प्लॉटों का विकास कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। सेक्टर-22D में भी 6 प्लॉट तैयार स्थिति में हैं। यमुना प्राधिकरण अब चरणबद्ध तरीके से इन प्लॉटों का कब्जा आवंटियों को सौंपेगा।
पहले चरण में करीब 2,000 प्लॉटों के लीज-प्लान जारी किए जाएंगे, जबकि दूसरे चरण में शेष लगभग 4,000 पॉलाटों के लीज-प्लान जारी होंगे। लीज-प्लान मिलने के बाद आवंटी रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी कर अपने-अपने प्लॉट पर कब्जा ले सकेंगे।
यमुना प्राधिकरण के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (ACEO) शैलेंद्र भाटिया ने बताया कि विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है और लीज-प्लान जल्द ही जारी कर दिए जाएंगे। इस कदम से वर्ष 2009 से प्लॉट कब्जे का इंतजार कर रहे आवंटियों को बड़ी राहत मिलेगी।
