गाजियाबाद। गाजियाबाद के विद्यालयों में कार्यरत शिक्षामित्र, अनुदेशक एवं अन्य प्रगणकों जनगणना के लिए मिलने वाले मानदेय के भुगतान के लिए इंतजार कर रहे हैं।
शिक्षामित्रों का कहना है कि उन्हें ग्रीष्मकालीन अवकाश में कोई वेतन नहीं मिलता। उन्हें जनगणना कार्य किया इसके लिए मानदेय का भी भुगतान अभी तक नहीं किया गया है। जबकि जिला स्तर पर बजट मिल चुका है। चार्ज अफसरों को काल मैसेज करने पर जवाब नहीं मिल रहा है।
मई माह में जनगणना 2027 भवन गणना के लिए प्रशिक्षण हुआ था। जिसमें करीब 8,500 प्रगणक और 1,500 पर्यवेक्षक का प्रशिक्षण कराया गया।
22 मई से 20 जून तक जनगणना कार्य के अंतर्गत भवन गणना कार्य कराया गया। जिसके लिए शिक्षामित्र तथा अनुदेशक भी शामिल किए गए। जिनका ग्रीष्मकालीन अवकाश में वेतन नहीं दिया जाता।
शिक्षामित्र, अनुदेशक तथा अन्य प्रगणों को जनगणना के तहत मिलने वाला मानदेय 20 जून तक कार्य पूर्ण होने के बाद अभी तक भेजा नहीं गया है। जिले में कुल 446 शिक्षामित्र और 90 अनुदेशक हैं।
अधिकारियों की लापरवाही से नहीं मिल रहा मानदेय
शिक्षामित्रों का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही की वजह से मानदेय नहीं मिल पा रहा है। चार्ज अफसरों को काल व मैसेज कर रहे हैं तो कोई जवाब नहीं दे रहे हैं।
बताया गया था कि जनगणना के साथ प्रशिक्षण के मानदेय का भुगतान होगा, लेकिन अनुदेशक एवं शिक्षामित्रों के अभी तक हाथ खाली हैं। वहीं एडीएम एफआर अंजनी कुमार का कहना है कि जनगणना की ड्यूटी में लगे 30 प्रतिशत प्रगणकों का मानदेय शासन से मिला है।
मानदेय का भुगतान करने के लिए चार्ज अफसरों से प्रगणकों के बैंक अकाउंट की डिटेल मांगी गई है, अभी तक डिटेल नही मिलने के कारण भुगतान नही किया गया है। इस संबंध में चार्ज अफसरों को तीन बार रिमाइंडर भी भेजा गया है। बैंक अकाउंट की डिटेल मिलने पर मानदेय का भुगतान किया जाएगा।
