नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने शिक्षा और स्टार्टअप का राष्ट्रीय केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने का ऐलान किया है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार नई स्टार्टअप पॉलिसी के तहत 500 करोड़ रुपये का निवेश करेगी, जिससे युवाओं को नवाचार और उद्यमिता के लिए बेहतर अवसर मिल सकें.
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि 16 अगस्त को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि के अवसर पर दिल्ली विश्वविद्यालय परिसर में अटल कैंटीन की शुरुआत होगी, जहां विद्यार्थियों को 5 रुपये में भरपेट भोजन उपलब्ध कराया जाएगा. मुख्यमंत्री ने यह बातें दिल्ली विश्वविद्यालय के शहीद भगत सिंह कॉलेज के डायमंड जुबली वर्ष समारोह के उद्घाटन अवसर पर आयोजित ‘कर्टेन रेजर’ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कहीं. कार्यक्रम की अध्यक्षता डीयू के कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने की.
दिल्ली स्टार्ट-अप एवं इन्क्यूबेशन नीति
यह नीति 11 राज्य विश्वविद्यालयों, 13 सरकारी वित्तपोषित कॉलेजों, पॉलिटेक्निक संस्थानों, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में लागू होगी, जबकि सरकारी स्कूल के विद्यार्थी इन संस्थानों में इस नीति का लाभ उठा सकते हैं. कामयाब होने पर विद्यार्थियों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी.
स्टार्टअप इकोसिस्टम को मिलेगा बड़ा प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार की नई स्टार्टअप नीति का उद्देश्य युवाओं के नवाचार को बढ़ावा देना और उन्हें रोजगार तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाना है. उन्होंने बताया कि सरकार स्टार्टअप पॉलिसी के तहत 500 करोड़ रुपये निवेश करेगी, जिससे नए उद्यमों को वित्तीय और संस्थागत सहयोग मिल सके. उन्होंने कहा कि शिक्षा, शोध और उद्योग के बीच मजबूत तालमेल बनाकर दिल्ली को देश का अग्रणी स्टार्टअप हब बनाया जाएगा.
डीयू में खुलेगी अटल कैंटीन, 5 रुपये में मिलेगा भोजन
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को बड़ी राहत देते हुए घोषणा की कि 16 अगस्त से दिल्ली विश्वविद्यालय परिसर में अटल कैंटीन शुरू की जाएगी. यहां छात्रों को मात्र 5 रुपये में पौष्टिक और भरपेट भोजन मिलेगा. उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय आने-जाने वाले छात्रों की सुविधा के लिए ‘यू स्पेशल’ बसों के रूट बढ़ाकर 50 किए जाएंगे. साथ ही बाहर से पढ़ने आने वाले विद्यार्थियों के लिए दिल्ली सरकार बेहतर हॉस्टल सुविधाएं विकसित करने की दिशा में भी काम करेगी. रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार चाहती है कि दिल्ली शिक्षा का ऐसा केंद्र बने, जहां देशभर के विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलें और उन्हें उच्च शिक्षा के लिए दूसरे शहरों या देशों की ओर न जाना पड़े.
कॉलेज समाज से जुड़ें, आसपास की बस्तियों के बच्चों को दें अवसर
मुख्यमंत्री ने सभी कॉलेजों से सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रत्येक कॉलेज अपने आसपास की बस्तियों से जुड़कर वहां के बच्चों को शिक्षा और मार्गदर्शन के अवसर उपलब्ध कराए. उन्होंने कहा कि इससे समाज के वंचित वर्गों को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा.
विकसित भारत के लिए चाहिए सैकड़ों बहुराष्ट्रीय कंपनियां
डीयू के कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब देश से सैकड़ों बहुराष्ट्रीय कंपनियां निकलेंगी. उन्होंने कहा कि ऐसे उद्यमियों और उद्योगपतियों को तैयार करने की जिम्मेदारी विश्वविद्यालयों की है. उन्होंने विभिन्न कॉलेजों के प्राचार्यों से अपने संस्थानों में बिजनेस इनक्यूबेटर स्थापित करने का आग्रह किया, जिससे विद्यार्थी नवाचार के माध्यम से नए उद्योग स्थापित कर सकें. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय केवल डिग्री देने वाले संस्थान नहीं, बल्कि भविष्य के उद्योग, तकनीक और नेतृत्व तैयार करने वाले केंद्र होने चाहिए.
एनआईआरएफ रैंकिंग में शहीद भगत सिंह कॉलेज की बड़ी छलांग
प्रो. योगेश सिंह ने शहीद भगत सिंह कॉलेज की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि कॉलेज ने एनआईआरएफ रैंकिंग में 101वें स्थान से 39वें स्थान तक पहुंचकर उल्लेखनीय सफलता हासिल की है. उन्होंने कहा कि 60 वर्षों की यात्रा केवल समय का पड़ाव नहीं, बल्कि उत्कृष्ट परंपरा, गुणवत्ता और निरंतर विकास की कहानी है. उन्होंने विद्यार्थियों से शहीद-ए-आजम भगत सिंह की ‘जेल डायरी’ पढ़ने का आग्रह करते हुए कहा कि इससे युवाओं में राष्ट्रभक्ति, वैचारिक स्पष्टता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना मजबूत होगी.

