दिल्ली पुलिस का रुख साफ, हिंसा और तोड़फोड़ करने वालों पर जारी रहेगी कार्रवाई

News Desk
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नई दिल्ली। नीट पेपर लीक के विरोध और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर काकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध प्रदर्शन के दौरान नई दिल्ली जिले में हुई हिंसा और तोड़फोड़ के मामलों में दिल्ली पुलिस ने अपना रुख साफ कर दिया है।

पुलिस मुख्यालय में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में फैसला लिया गया है कि प्रदर्शन के दौरान उपद्रव मचाने वाले अराजक तत्वों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए जाएंगे।

दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नई दिल्ली जिले के पांच थानों और स्पेशल सेल की आईएफएसओ यूनिट में दर्ज सभी 21 एफआइआर अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ हैं, इसमें किसी भी छात्र को नामजद नहीं किया गया है।

पुलिस अधिकारी का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं व अन्य के खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं करने का आदेश दिया है, शांतिपूर्ण प्रदर्शन की आड़ में अराजकता फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने पर कोर्ट ने कोई रोक नहीं लगाई है।

‘जब कोई नामजद ही नहीं तो कैसे वापस लें FIR?’

सीजेपी प्रवक्ता सौरभ दास, पिछले कई दिनों से इंटरनेट मीडिया के जरिये और मीडिया को जारी बयान में बार-बार दिल्ली पुलिस को छात्रों के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लेने की धमकी दे रहे हैं। उनका कहना है कि केंद्र सरकार से हुई बातचीत में एक शर्त यह भी था कि छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी मुकदमे पिछले मंगलवार तक वापस ले लिए जाएंगे।

शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल किसी भी छात्रों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। सौरभ की इस धमकी पर दिल्ली पुलिस का कहना है कि जब उन्होंने किसी भी मुकदमे में छात्रों को नामजद किया ही नहीं है तो मुकदमे वापस कैसे ले लिया जाए? सभी मुकदमे अज्ञात के खिलाफ दर्ज है।

इन मुकदमों की जांच में जो भी छात्र उपद्रव में शामिल पाए जाएंगे उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी लेकिन अगर अपराधियों व अराजक तत्वों के शामिल पाए जाने पर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

20-25 जुलाई के बीच हुआ उत्पात

अपराधियों व अराजक तत्वों ने पूरे नई दिल्ली जिले में 20 जुलाई से 25 जुलाई तक कानून अपने हाथ में लेकर अति संवेदनशील जिले में जमकर उत्पात मचाया, पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमला व पथराव किया, जंतर-मंतर, संसद मार्ग, जनपथ, रायसीना मार्ग, अशोक रोड व टॉलस्टॉय मार्ग पर सरकारी संपत्तियों को ता़ेड़फोड़ कर भारी नुकसान पहुंचाया।

संसद मार्ग पर तमाम सरकारी व प्राइवेट कंपनियों के कार्यालय व बैंकों के परिसर में घुसकर तोड़फोड़ व उत्पात मचाया गया। इस दौरान पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों की 16 कारें व मिनी बसों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया।

100 से अधिक पुलिस बैरिकेड तोड़ दिए गए। दानिप्स अधिकारी एसीपी विवेक भगत की बुरी तरीके से पिटाई की गई जिससे उनकी कई दांत टूट गई, उनकी सोने की अंगूठी, पर्स, वायरलैस सेट चोरी कर लिए गए।

21 में से 12 आपराधिक साजिश व दंगा करने की एफआईआर

पथराव में शांतिपूवर्क प्रदर्शन करने आए आम लोग भी घायल हुए। हमले में 35 आईपीएस व दानिप्स अधिकारी समेत 240 पुलिसकर्मी घायल हो गए। उपद्रवियों ने कानून अपने हाथ में लेकर कई स्तर के बैरिकेड तोड़कर संसद की तरफ जाने की कोशिश की। इस तरह की अराजकता फैलाने वालों को किसी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ कनॉट प्लेस, संसद मार्ग, बाराखंभा रोड, मंदिर मार्ग और कर्तव्य पथ थाना समेत आइएफएसओ में जो 21 एफआईआर दर्ज की गई है उनमें 12 आपराधिक साजिश व दंगा करने, दो महिला पत्रकारों से छेड़छाड़, एक संवेदनशील इलाके मं ड्रोन उड़ाने, एक सीसीटीवी कैमरे चोरी, तीन डीपफेक वीडियो व दो अन्य सामान चोरी के शामिल हैं।

पुलिस अधिकारी का कहना है कि संसद मार्ग थाने में आपराधिक साजिश रचने की धारा जो एफआइआर दर्ज की गई है उसमें सीजेपी के कार्यकर्ताओं द्वारा साजिश रचे जाने की बात लिखी गई है। पुलिस को कई वीडियो फुटेज मिले हैं जिनमें मंच पर संगीन मामले के अपराधियों के बैठे होने की तस्वीरें मिली है।

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