15 साल से फरार उम्रकैदी गिरफ्तार, बच्चे के अपहरण-हत्या मामले में मिली थी उम्रकैद

News Desk
3 Min Read

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने शालीमार बाग इलाके से 10 साल के बच्चे को फिरौती के लिए अगवा कर उसकी हत्या कर देने के मामले में उम्रकैद की सजा पाए सजायाफ्ता नरेंद्र चौहान को गिरफ्तार कर लिया है। 2011 में पैरोल पर बाहर आने के बाद से ही वह पैरोल जम्प कर 15 साल से फरार चल रहा था।

डीसीपी चंदर कुमार सिंह के मुताबिक नरेंद्र चौहान, हरी नगर का रहने वाला है। चार जनवरी 2002 को नरेंद्र चौहान ने अपने साथियों रितेश और जाफर के साथ मिलकर शालीमार बाग इलाके से 10 साल के बच्चे का अपहरण कर लिया था। अपहर्ताओं ने बच्चे के परिजन से 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी।

आरोपितों ने बेरहमी से बच्चे की हत्या कर दी

जब परिजन फिरौती की रकम नहीं दे पाए, तो आरोपितों ने बेरहमी से बच्चे की हत्या कर दी थी। मामले की जांच के बाद पुलिस ने सभी आरोपित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अदालत में सुनवाई के बाद नरेंद्र चौहान को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।

15 अप्रैल 2011 को दिल्ली हाईकोर्ट से नरेंद्र चौहान को एक महीने की पैरोल मिली थी। पैरोल की अवधि समाप्त होने के बाद उसे संबंधित जेल अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण करना था, लेकिन वह आत्मसमर्पण करने के बजाय चकमा देकर फरार हो गया और पैरोल जंप कर दी।

29 जुलाई को गाजियाबाद के छपरौला गांव से नरेंद्र चौहान को गिरफ्तार किया

फरार अपराधी को पकड़ने के लिए एसीपी अशोक शर्मा और इंस्पेक्टर पुखराज के नेतृत्व में पुलिस टीम ने 29 जुलाई को गाजियाबाद के छपरौला गांव से नरेंद्र चौहान को गिरफ्तार कर लिया। वह वहां किराए के मकान में रहता था और पहचान छिपाकर बच्चों को ट्यूशन पढ़ा रहा था। 10वीं तक पढ़े नरेंद्र चौहान ने फरारी के दौरान पुलिस से बचने के लिए कई बार अपने ठिकाने बदले।

2011 से 2016 के बीच वह संजय नगर, गाजियाबाद, 2016 से 2020 से कासना, ग्रेटर नोएडा, 2020 से 2023 तक गोविंदपुरम, गाजियाबाद, 2023 से छपरौला गांव में रह रहा था। वह अपना गुजर-बसर करने और पुलिस की नजरों से बचे रहने के लिए छोटे बच्चों को ट्यूशन पढ़ाता था।

Share This Article
Leave a Comment