नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का सरगना अमित नागर समेत तीन बदमाशों को मकोका में गिरफ्तार किया है। सरगना को पहले वाहन चोरी में गिरफ्तार किया गया था। उसके बाद ब्राइम ब्रांच ने कुछ समय पहले पूरे गिरोह पर ही मकोका लगा दिया था।
अमित नागर, रोहिणी सेक्टर 29 स्थित क्रिएटिव हाईट्स सोसाइटी में आरडब्ल्यूए का अध्यक्ष है। इसका गिरोह पूर्वोत्तर व अन्य राज्यों में चोरी की गाड़ियां बेचने के साथ ही मणिपुर के उग्रवादियों को भी चोरी के वाहन बेचने का धंधा कर रहा था।
अमित नागर उर्फ सोनू मूलरूप से बुलंदशहर का रहने वाला
विशेष आयुक्त, क्राइम ब्रांच, एचजीएस धालीवाल के मुताबिक गिरफ्तार किए गए बदमाशों में अमित नागर उर्फ सोनू मूलरूप से बुलंदशहर का रहने वाला है लेकिन 2017 से वह सेक्टर-29, रोहिणी में रह रहा है और पांच साल से सोसाइटी के आरडब्ल्यूए का अध्यक्ष है। यही गिरोह का मुख्य सरगना है।
इस पर पहले से आर्म्स एक्ट और वाहन चोरी के 38 से अधिक केस है। यह अब तक 100 से ज्यादा लग्जरी गाड़ियां देश के अलग-अलग राज्यों में सप्लाई कर चुका है। जगत सिंह, इम्फाल ईस्ट, मणिपुर का रहने वाला है और यह मुख्य खरीदार और बिचौलिया है। इस पर वाहन चोरी के तीन मामले पहले से दर्ज हैं।
मुकेश सिंह, खुरई, इम्फाल ईस्ट, मणिपुर का रहने वाला
मुकेश सिंह, खुरई, इम्फाल ईस्ट, मणिपुर का रहने वाला है। यह फर्जी दस्तावेज, फर्जी नंबर प्लेट्स और वाहनों की डिलीवरी का काम देखता था। इनकी निशानदेही पर चोरी की पांच कारें, 104 फर्जी हाई-सिक्योरिटी नंबर प्लेट्स और 24 फर्जी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) बरामद किए गए हैं।
हैरानी की बात बात है कि चोरी की गई दो गाड़ियां (किया सेल्टोस और हुंडई क्रेटा) मणिपुर के उखरुल जिले में भारत-म्यांमार अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास से बरामद की गई, जिन्हें वहां सक्रिय उग्रवादियों को बेचा जाना था।
डीसीपी संजीव कुमार यादव और एसीपी संजय नागपाल व इंस्पेक्टर अरुण सिंधु की टीम ने सीसीटीवी फुटेज व तकनीकी विश्लेषण के इस नेटवर्क को बेनकाब किया। छतरपुर एन्क्लेव से पहले मुकेश सिंह को गिरफ्तार किया गया। उसके किराए के मकान से 104 फर्जी हाई-सिक्योरिटी नंबर प्लेट्स व 24 फर्जी आरसी और नंबर प्लेट लगाने के उपकरण बरामद हुए।
वजीराबाद से चोरी की बलेनो कार बरामद की गई
उसकी निशानदेही पर वजीराबाद से चोरी की बलेनो कार बरामद की गई। मुकेश से पूछताछ के बाद मजनू का टीला से एटम जगत सिंह को गिरफ्तार किया गया। उसकी निशानदेही पर मुखर्जी नगर से चोरी की स्विफ्ट कार बरामद हुई। उसके बाद सरगना अमित नागर उर्फ सोनू को गिरफ्तार कर लिया गया। उसके कब्जे से स्विफ्ट डिजायर कार मिली।
जांच में इस गिरोह के संगठित अपराध में संलिप्त होने के साक्ष्य मिलने पर पूरे गिरोह पर ही मकोका लगा दिया गया।
बाद में जगत सिंह की निशानदेही पर म्यांमार सीमा के पास मणिपुर के उखरुल जिले से दिल्ली से चुराई गई एक सेल्टोस और एक हुंडई क्रेटा कार बरामद की गई।
नागालैंड से ली गई फर्जी सिमकार्ड्स का इस्तेमाल
पुलिस का कहना है कि गिरोह के बदमाश वाहनों के इलेक्ट्रॉनिक्स कंट्रोल माड्यूल को स्कैनिंग डिवाइस से हैक कर नकली चाबियां बना लेते थे। पुलिस की पकड़ से बचने के लिए अमित नागर अपने सहयोगियों से केवल एन्क्रिप्टेड मैसेंजर एप के जरिए बात करता था और नागालैंड से ली गई फर्जी सिमकार्ड्स का इस्तेमाल करता था।
जगत सिंह, अमित नागर से 1.5 से दो लाख में चोरी की गाड़ी खरीदकर आगे 40 से 50 हजार का मुनाफा लेकर मणिपुर व अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में बेच देता था। यह गिरोह राजस्थान, मणिपुर, नागालैंड, पंजाब, असम और बंगाल तक फैला हुआ है।
