ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण ने औद्योगिक श्रेणी के सात भूखंडोंं का आवंटन रद कर दिया है। आवंटन राशि जमा न कराने पर प्राधिकरण ने पांच आवंटियाें यह कार्रवाई की है। दो आवंटियों का भूखंड लीजडीड न कराने पर रद किया गया है।
मेडिकल डिवाइस पार्क के एक आवंटी ने अपना भूखंड सरेंडर किया है, प्राधिकरण ने उसे चेकलिस्ट जारी नहीं की थी।
आवंटित भूखंड की लगातार समीक्षा
यीडा क्षेत्र में औद्योगिक विकास की गति को बढ़ाने के लिए औद्योगिक श्रेणी के आवंटित भूखंड की लगातार समीक्षा की जा रही है। प्राधिकरण अब तक औद्योगिक श्रेणी के 3189 भूखंड आवंटित कर चुका है। लेकिन औद्योगिक इकाईयां महज 54 ही क्रियाशील हो चुकी है। जबकि 82 ने निर्माण पूरा कर लिया है।
अधिकतर आवंटी भूखंड पर कब्जा मिलने के बाद भी इकाई का निर्माण व उसे क्रियाशील करने में आनाकानी कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर औद्योगिक भूखंड पाने की इच्छा रखने वालों की कतार भी लंबी है।
प्राधिकरण औद्योगिक सेक्टरों मेंं जमीन लगातार क्रय कर रहा है, ताकि औद्योगिक क्षेत्र की मांग को पूरा किया जा सके। इसके साथ ही पूर्व में आवंटित भूखंडों की समीक्षा की जा रही है।
आवंटियों से पूछा जा रहा है कि आखिर उन्हें आवंटन राशि जमा कराने, कब्जा मिलने के बाद निर्माण करने व इकाई को क्रियाशील करने में क्या अड़चन है। ताकि उसे दूर किया जा सके। सुनवाई के बावजूद पहल न करने पर सात आवंटन रद कर दिए हैं।
जिन भूखंडों का आवंटन रद हुआ है, उनमें एक सेक्टर 29, एक सेक्टर 33 व तीन सेक्टर 32 में हैं। इसमें तीन साै वर्गमीटर के दो, एक हजार वर्गमीटर का एक, 795 वर्गमीटर का एक व सेक्टर 29 मेंं पांच हजार वर्गमीटर का एक भूखंड शामिल है।
11 आवंदियों की अंतिम सुनवाई शेष
इन भूखंडों के आवंटियों ने आवंटन राशि जमा नहीं कराई थी। सेक्टर 32 में दो भूखंड लीज डीड न कराने पर रद किए गए हैं। एक भूखंड 600 वर्गमीटर व दूसरा 1000 वर्गमीटर का है।
मेडिकल डिवाइस पार्क के एक आवंटी ने अपना एक हजार वर्गमीटर का भूखंड सरेंडर कर दिया है, उसे प्राधिकरण अब तक चेकलिस्ट जारी नहीं कर सका था। प्राधिकरण के एसीईओ शैलेंद्र भाटिया का कहना है कि अंतिम सुनवाई के बाद 27 आवंटियों को 31 अगस्त तक का समय दिया गया है।
11 आवंटियों की अंतिम सुनवाई होना शेष है। इसके बाद इन भूखंडों के आवंटन को लेकर भी निर्णय लिया जाएगा।
