नोएडा: उत्तर प्रदेश के नोएडा में किशोर की हत्या मामले ने सनसनी मचा दी है। हत्याकांड ने गाजियाबाद के खोड़ा इलाके की घटना की याद ताजा कर दी। दोस्ती की आड़ में दो किशोरों पर 14 वर्षीय किशोर की हत्या का आरोप है। आरोपों के अनुसार, दो किशोरों ने अपने 14 वर्षीय दोस्त की चाकू मारकर हत्या कर दी। पकड़े जाने से बचने के लिए शव को जंगल में फेंक दिया। बताया जा रहा है कि 14-15 साल के दोनों लड़के अपने किशोर दोस्त को जन्मदिन की पार्टी के बहाने साथ ले गए थे। 21 अगस्त की रात जंगल में उसका सड़ा-गला शव मिला। मंगलवार को परिजनों ने मोर्चरी में कलावा, बेल्ट और कपड़ों के आधार पर उसकी पहचान की। खोड़ा इलाके में किशोर सूर्या चौहान को उसके दोस्तो ने बुलाकर मर्डर की वारदात को अंजाम दिया था।
सेक्टर 20 में रहता था किशोर
मृतक आयुष शुक्ला नोएडा के सेक्टर-20 का निवासी था। वह सेक्टर-24 स्थित केंद्रीय विद्यालय में 8वीं कक्षा में पढ़ता था। पोस्टमॉर्टम हाउस के बाहर मां ने बिलखते हुए बताया कि उनके बच्चे को चाकू से काट दिया गया। उसके हाथ-पैर का भी पता नहीं है। उन्होंने अपने बेटे के लिए न्याय की मांग करते हुए कहा कि हत्यारे को सख्त सजा मिलनी चाहिए। महिला योगमाया शुक्ला मूल रूप से लखनऊ की रहने वाली हैं।
योगमाया शुक्ला नोएडा सेक्टर-20 में किराए के मकान में अपनी दो बेटियों और बेटे आयुष के साथ रहती थीं। वह भंगेल सीएचसी में संविदा पर आया के तौर पर काम करती हैं, जबकि उनके पति पंकज बीमारी की वजह से लखनऊ में रहते हैं।
क्या है पूरी घटना?
परिजनों के अनुसार, आयुष 16 अगस्त की शाम करीब 4 बजे मां और बहन को दोस्त की जन्मदिन पार्टी में जाने की बात कहकर घर से निकला था। उसके साथ सेक्टर-22 के चौड़ा गांव में रहने वाले दो सहपाठी भी थे। इसके बाद वह पूरी रात घर वापस नहीं लौटा। मां योगमाया के मुताबिक, आयुष के घर न लौटने पर उन्होंने उसकी तलाश शुरू कर दी। 18 अगस्त को उन्होंने सेक्टर-12/22 की चौकी में शिकायत दी। वहां से उन्हें सेक्टर-24 थाने और फिर सेक्टर-20 थाने भेज दिया गया।
योगमाया शुक्ला बेटे की खोज में लगातार थाने और चौकियों के चक्कर लगाती रहीं। 21 अगस्त की रात सेक्टर-54 के जंगल में पुलिस को एक अज्ञात किशोर का सड़ा-गला शव मिला था। दो दिन बाद उसका पोस्टमॉर्टम कराया गया।
पुलिस ने दिखाई शव की तस्वीर
पुलिस ने सोमवार रात योगमाया शुक्ला को शव की तस्वीर दिखाई। इसके बाद मंगलवार को परिजन पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे। वहां बच्चे के कलावा, बेल्ट एवं कपड़ों के आधार पर उसकी पहचान आयुष के रूप में की गई। मां ने आयुष के साथ गए दोनों दोस्तों के खिलाफ शिकायत देकर हत्या का मामला दर्ज कराया है। उनका कहना है कि पुलिस ने शुरुआत में उन्हें भटकाया। आरोप है कि दोनों दोस्तों ने आयुष के चेहरे पर पत्थर से वार किया। पेट में नुकीली चीज मारी और एक हाथ काटकर शव को सेक्टर-54 के जंगल में फेंक दिया।
मां की शिकायत पर केस दर्ज
नोएडा सेक्टर-24 थाना प्रभारी के अनुसार, 25 अगस्त को आयुष उर्फ हैप्पी शुक्ला की मां ने शिकायत दी थी कि उनका बेटा दोस्तों के साथ खेलने गया था, लेकिन वापस नहीं लौटा। इस मामले में संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर एक नाबालिग को पुलिस संरक्षण में लिया गया है। वहीं, दूसरे आरोपी की तलाश के लिए टीम बनाई गई है। पुलिस के मुताबिक, मुख्य नाबालिग आरोपी और मृतक आयुष एक ही समुदाय से हैं। वहीं, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में आयुष के शरीर पर किसी तरह की चोट नहीं पाई गई है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
एडीसीपी ने दी जानकारी
मामले में एडीसीपी नोएडा मनीषा सिंह ने बताया कि थाना सेक्टर-24 नोएडा क्षेत्र के अंतर्गत मंगलवार को वादी की ओर से तहरीर दी गई कि उनका 13 वर्षीय पुत्र हैप्पी उर्फ आयुष शुक्ला घर से खेलने के लिए अपने दोस्तों के घर गया था। वह वापस नहीं आया। वादी की तहरीर पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत है। मुख्य बाल अपचारी को पुलिस संरक्षण में लिया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्य बाल अपचारी एवं मृतक आयुष शुक्ला एक ही समुदाय से है।
एडीसीपी ने कहा कि दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम गठित की गई है। उन्होंने दावा किया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक के शरीर पर कोई जाहिरा चोट परिलक्षित नहीं होने की बात सामने आई है। प्रकरण में अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
