ग्रेटर नोएडा। जेवर और टप्पल बाजार शहरी केंद्र के बीच 8000 हे. में नया औद्योगिक गलियारा विकसित करने की योजना पर जल्द काम शुरू होगा। प्राधिकरण ने औद्योगिक गलियारे की तकनीकी व्यावहारिक रिपोर्ट एवं मास्टर प्लान तैयार कराने के लिए कंपनियों से प्रस्ताव मांगे थे। तीन कंपनियों ने इसके लिए रुचि दिखाई है। तकनीकी व वित्तीय निविदा खोलने के बाद एक कंपनी का चयन किया जाएगा।
जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट व एविएशन हब और अलीगढ़ के टप्पल बाजना शहरी केंद्र के बीच यमुना प्राधिकरण (यीडा) की करीब 8000 हजार हेक्टेयर जमीन खाली है। फेज एक मास्टर प्लान व फेज दो मास्टर प्लान दोनों में ही इस जमीन को शामिल नहीं किया गया है, जबकि एयरपोर्ट के नजदीक होने के कारण यह जमीन यीडा के लिए बेहद अहम है। इस जमीन पर कालोनाइजर भी सक्रिय है।
यह क्षेत्र अवैध निर्माण की भेंट न चढ़े, इसलिए प्राधिकरण ने इसे औद्योगिक गलियारे के तौर पर विकसित करने का फैसला किया है। बोर्ड से स्वीकृति के बाद प्राधिकरण ने तकनीकी व्यावहारिक रिपोर्ट व मास्टर प्लान तैयार कराने के लिए कंपनियों से प्रस्ताव मांगे थे।
टाटा कंसल्टेंसी इंजीनियरिंग प्रा. लि., फीडबैक इंफ्रा प्रा. लि. व वायंट़स साल्यूशन प्रा. लि. ने इसके लिए निविदा डाली है। यीडा एसीईओ शैलेंद्र भाटिया का कहना है कि तीनों कंपनियों की तकनीकी निविदा जल्द खोली जाएगी। इसमें सफल कंपनियों की वित्तीय निविदा खोलने के बाद अंतिम रूप से एक कंपनी का चयन होगा।
प्राधिकरण औद्योगिक गलियारे में औद्योगिक सेक्टर, आवासीय सेक्टर, कामर्शियल व होटल आदि के लिए सेक्टर नियोजित किए जाएंगे। एयरपोर्ट के नजदीक होने के कारण यहां कामर्शियल एवं होटल आदि की मांग अधिक होगी।
इसके साथ ही कार्गो की वजह से लॉजिस्टिक व वेयरहाउसिंग सेक्टर के लिए भी यह औद्योगिक गलियारा प्राधिकरण को मुफीद लग रहा है। इस औद्योेगिक गलियारे के जरिये यीडा का फेज एक व फेज दो आपस में जुड़ जाएंगे। अलीगढ़ के टप्पल बाजना शहरी केंद्र में प्राधिकरण मल्टी माॅडल लाजिस्टिक पार्क के लिए जमीन अधिगृहीत कर रहा है।
