फर्जी काल सेन्टर खोलकर जनता के लोगों को लोन दिलाने के नाम पर लाखों रूपये की ठगी करने वाले छः अभियुक्त गिरफ्तार

Rohit Kumar
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नोएडा संवाददाता, थाना सेक्टर-63 पुलिस ने फर्जी काल सेन्टर खोलकर जनता के लोगों को कॉल करके भिन्न-भिन्न बैंको में लोन दिलाने के नाम पर लाखों रूपये की ठगी करने वाले छः अभियुक्तों विकास कुमार पुत्र जयपाल सिंह निवासी प्लॉट नंबर 31 तृतीय तल कैलाशपुरम गोविन्दपुरम थाना कविनगर गाजियाबाद मूल पता ग्राम पलवाड़ा थाना बहादुरगढ जिला हापुड़, पुनीत कुमार पुत्र जयपाल निवासी प्लॉट नंबर 31 तृतीय तल कैलाशपुरम गोविन्दपुरम थाना कविनगर गाजियाबाद मूल पता ग्राम पलवाड़ा थाना बहादुरगढ जिला हापुड़, देवांश सक्सेना पुत्र संजीव सक्सेना निवासी-सी-1421 आदित्य वर्ल्ड सिविक थाना कविनगर गाजियाबाद, हर्षित श्रीवास्तव पुत्र विमल श्रीवास्तव निवासी-बादल यादव का मकान खोड़ा गाव पुलिस चौकी थाना खोड़ा गाजियाबाद मूल पता ग्राम पुरदिलनगर थाना सिकन्द्राराउ जनपद हाथरस, नितिश कुमार पुत्र कश्मीर सिंह निवासी-फ्लैट नंबर 1 आदित्य अपार्टमेन्ट बहरामपुर थाना विजयनगर गाजियाबाद मूल पता ग्राम पुन्नर तहसील पालमपुर थाना भवारना जिला कांगड़ा हिमाचल प्रदेश, शैलेन्द्र पुत्र लेखनाथ निवासी गली नंबर 23 सुनील का मकान थाना खोड़ा गाजियाबाद मूल पता करहरा कला थाना महोबा जिला महोबा उत्तर प्रदेश को थाना क्षेत्र के घटनास्थल एच-61 सेक्टर-63 नोएड़ा से मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए अभियुक्तों के कब्जे से पुलिस ने दो डेस्कटॉप कम्प्यूटर,चार लैपटॉप,13 स्मार्ट फोन,14 कीपैड फोन,1 लाख 18 हजार रुपये नगद,एक मोहर (पंचकुला आयुर्वेद),सात एफएसएसएआई के फर्जी स्टीकर, 20 एटीएम कार्ड,5 अप्रूवल लेटर ,167 डाटा शीट,53 पंचकर्मा आयुर्वेदा चूर्ण की बड़ी डब्बी (अनुमानित कीमत लगभग 2.5 लाख रूपये), 10 पंचकर्मा आयुर्वेदा चूर्ण की छोटी डब्बी,10 रजिस्टर,10 डायरियां,8 चेक बुक,तीन पासबुक भिन्न-2 बैंक,एक होण्डा सिविक कार नंबर डीएल 7 सीएफ 8415 और एक अपाचे मोटरसाइकिल नंबर यूपी14 एफजे 4586 बरामद की है।अभियुक्तों द्वारा पूछताछ के दौरान बताया गया कि हम लोगों द्वारा एच-61 सेक्टर-63 में एक ऑफिस खोला गया जिसमें हम लोग पंचाकर्म आयुर्वेद प्रोसिस केयर किट में नकली चूर्ण भरकर उस पर पंचाकर्म आयुर्वेद प्रोसिस केयर किट का स्टीकर लगाकर 3 से 6 हजार रूपये में बेच देते थे। जिससे हमे नकली चूर्ण खरीदने वालो का डाटा मिल जाता था और फिर हम फोन से प्राप्त डाटा पर जनता के लोगों को कॉल करके भिन्न-भिन्न बैंको में लोन दिलाने व आदित्य बिरला ग्रुप व बिरला फाईनेन्स मे नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रूपये की ठगी करते थे। जो होण्डा सिविक कार,पैसा व अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान मिला है वह उसी ठगी किये गये पैसे से खरीदा गया है।अभियुक्तगण शातिर किस्म जालसाज अपराधी हैं।जिनके विरुद्ध पुलिस ने आवश्यक वैधानिक कार्यवाही कर न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया है।

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