
नई दिल्ली: दिल्ली नगर निगम (MCD) ने अनधिकृत निर्माण के मामलों में कार्रवाई को लेकर बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है. निगम ने काम में लापरवाही बरतने के आरोप में भवन विभाग के एक सहायक अभियंता (AE) और दो कनिष्ठ अभियंताओं (JE) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया. यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब सत्य निकेतन हादसे के बाद राजधानी में खतरनाक और अवैध निर्माण के खिलाफ निगम का अभियान तेज चल रहा है.
एमसीडी की ओर से जारी आदेश के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम जोन के भवन विभाग में तैनात सहायक अभियंता को निलंबित किया गया है. इसी जोन के भवन विभाग में कार्यरत कनिष्ठ अभियंता को भी निलंबित किया गया है. इसके अलावा दक्षिण-पश्चिम जोन के भवन विभाग में तैनात कनिष्ठ अभियंता के खिलाफ भी तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई की गई है.
निगम के अनुसार, तीनों अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई अनधिकृत निर्माण से संबंधित आधिकारिक दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही और कर्तव्य के प्रति उदासीनता को देखते हुए सक्षम प्राधिकारी के आदेश तथा लागू सेवा नियमों के तहत की गई है. एमसीडी ने स्पष्ट किया है कि अनधिकृत निर्माण के मामलों में अधिकारियों की लापरवाही को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
एमसीडी ने क्षेत्रीय अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सतर्क रहने और भवन नियमों के उल्लंघन की स्थिति में निर्धारित प्रक्रिया के तहत समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं. निगम ने यह भी साफ किया है कि भवन नियमों के अनुपालन और अनधिकृत निर्माण की रोकथाम के लिए जवाबदेही सभी स्तरों पर तय की जाएगी. अपने दायित्वों के निर्वहन में विफल पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ सेवा नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी.
बता दें कि सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD पहले ही राजधानी के सभी जोनों में खतरनाक इमारतों और अवैध निर्माण के खिलाफ अभियान तेज कर चुका है. ऐसे में तीन अभियंताओं का निलंबन निगम की ओर से अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है.
