पूर्वी दिल्ली। वसुंधरा एन्क्लेव स्थित सत्यम अपार्टमेंट में डीयू प्रोफेसर देबोस्मिता पॉल की हत्या संपत्ति विवाद को लेकर की गई थी।
दिल्ली पुलिस ने मामले में बंगाल निवासी रामप्रसाद और उसकी पत्नी के खिलाफ हत्या, हत्या की साजिश, पहचान छिपाने समेत अन्य धाराओं में 300 से अधिक पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया है।
पुलिस के अनुसार, दंपती ने हत्या की साजिश रची और प्रोफेसर के घर में दाखिल होने से लेकर हत्या कर निकलने तक पूरी वारदात करीब 15 मिनट में अंजाम दी।
मकान खाली करने को कहा तो रची साजिश
आरोपपत्र के अनुसार, देबोस्मिता पॉल और उनकी मां की बर्धमान में एक हजार वर्ग गज से अधिक की पुश्तैनी संपत्ति है। आरोपित दंपती इस मकान के भूतल पर किराये पर रह रहे थे। किराया प्रोफेसर और उनकी मां के संयुक्त बैंक खाते में जमा होता था।
पिछले वर्ष प्रोफेसर अपनी मां के साथ बर्धमान स्थित पुश्तैनी मकान गई थीं और दंपती से मकान खाली करने को कहा था। शुरुआत में उन्हें जून तक मकान खाली करने के लिए कहा गया था। इस वर्ष मार्च में प्रोफेसर ने फोन पर भी अपनी मांग दोहराई थी।
पति ने तीन बार दिल्ली आकर की रेकी
पुलिस के अनुसार, हार्डवेयर की दुकान पर काम करने वाले रामप्रसाद ने पत्नी के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। आरोपपत्र में कहा गया है कि वह हत्या से पहले तीन बार दिल्ली आया और प्रोफेसर की दिनचर्या, घर और उनकी शैक्षणिक गतिविधियों की रेकी की।
पुलिस का आरोप है कि दंपती को लगा कि प्रोफेसर के परिवार के अन्य सदस्यों की संपत्ति में ज्यादा रुचि नहीं है और वे आगे चलकर मकान पर नियंत्रण कर सकते हैं।
बेटे के सामने प्रोफेसर पर किया हमला
आरोपपत्र के अनुसार, दो जून को दंपती अपने 10 वर्षीय बेटे के साथ बर्धमान से दिल्ली आया। होटल में ठहरने के बाद अगले दिन दोनों प्रोफेसर के घर पहुंचे। परिचित होने के कारण दरवाजा आसानी से खुल गया। दोनों ने संपत्ति को लेकर बातचीत करने की बात कही और घर में दाखिल हो गए।
अंदर जाने के बाद उन्होंने बेटे को मोबाइल फोन दे दिया और खुद दूसरे कमरे में चले गए। पुलिस का आरोप है कि दोनों ने प्रोफेसर के सिर पर भारी वस्तु से वार किया, चेहरे पर कई बार हमला किया और दोनों कलाइयों की नसें काट दीं। शोर सुनकर बेटा कमरे में पहुंचा और उसने घटना देखी।
15 मिनट में हत्या कर बदले कपड़े
पुलिस के मुताबिक, दंपती ने पहचान छिपाने के लिए प्रोफेसर के घर में ही कपड़े बदले। सोसायटी के सीसीटीवी में दोनों नकाब पहनकर बच्चे के साथ अंदर जाते और बाद में कपड़े बदलकर बाहर निकलते दिखाई दिए। पुलिस के अनुसार, सोसायटी में प्रवेश करने से लेकर हत्या कर निकलने तक पूरी वारदात करीब 15 मिनट में हुई।
जांच के दौरान पुलिस ने 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। सीसीटीवी फुटेज में करीब 3:20 बजे नकाब पहने दंपती को बच्चे के साथ सोसायटी में प्रवेश करते और बाद में अलग कपड़ों में बाहर निकलते देखा गया।
कैब और होटल रिकॉर्ड से मिला सुराग
जांच के दौरान पुलिस ने उस कैब चालक से पूछताछ की, जिसने परिवार को डल्लूपुरा के पास छोड़ा था। इसके बाद उनके होटल तक पहुंचकर वहां के रिकॉर्ड की जांच की गई। पुलिस के अनुसार, दंपती ने होटल में फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल किया था।
होटल रिकॉर्ड से मिले विवरण के आधार पर पुलिस ने उनके बर्धमान और संपत्ति से जुड़े संबंधों की जांच शुरू की।
सौ घरों की तलाशी के बाद गिरफ्तारी
पुलिस ने दंपती की गतिविधियों का पता लगाते हुए उन्हें आनंद विहार तक ट्रेस किया। वहां से दोनों नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचे और बर्धमान जाने वाली ट्रेन पकड़ी। पुलिस टीम बर्धमान पहुंची और आरोपितों के कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए स्कूटर का पता लगाया।
इसके बाद पुलिस ने 100 से अधिक घरों में तलाशी ली और आखिरकार दंपती को गिरफ्तार कर लिया। उनके बेटे को बाल कल्याण समिति के समक्ष ‘देखभाल और संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चे’ के रूप में पेश किया गया। बाद में उसे रिश्तेदारों की देखरेख में सौंप दिया गया।
40 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज
पुलिस ने सितंबर के पहले सप्ताह में 300 से अधिक पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया है। इसमें 40 से अधिक गवाहों के बयान शामिल हैं। दंपती के खिलाफ हत्या, आपराधिक साजिश, पहचान छिपाने और अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
