नोएडा: उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट में पहली बार एक हृदय ट्रांसप्लांट के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। यह ग्रीन कॉरिडोर एक आर्मी अफसर के अंगदान किए गए हृदय को समय पर नोएडा के फोर्टिस हॉस्पिटल पहुंचाने के लिए तैयार किया गया। चंडीगढ़ से हवाई मार्ग के जरिए हृदय को गाजियाबाद के हिंडन एयरपोर्ट लाया गया, जहां से ट्रैफिक पुलिस की मदद से इसे सेक्टर-62 स्थित फोर्टिस हॉस्पिटल तक पहुंचाया गया।
दरअसल, चंडीगढ़ के एक आर्मी अफसर को ब्रेन डेड घोषित किए जाने के बाद उनके परिवार ने उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए अंगदान का फैसला लिया था। अफसर ने जीवित रहते अपने अंगदान की इच्छा जताई थी। परिवार ने उनकी इस इच्छा को पूरा करते हुए उनके हृदय को एक जरूरतमंद मरीज के हार्ट ट्रांसप्लांट के लिए दान कर दिया।
चंडीगढ़ से हवाई मार्ग से हिंडन पहुंचा हृदय
अंगदान के बाद अफसर का हृदय चंडीगढ़ एयरपोर्ट से हवाई मार्ग के जरिए गाजियाबाद के हिंडन एयरपोर्ट लाया गया। इसके बाद हृदय को नोएडा के सेक्टर-62 स्थित फोर्टिस हॉस्पिटल पहुंचाना सबसे अहम चुनौती थी। अंग प्रत्यारोपण के मामलों में समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में रास्ते में ट्रैफिक की वजह से देरी न हो, इसके लिए गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर पुलिस के बीच तालमेल से ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया गया।
20 किलोमीटर का सफर सिर्फ 16 मिनट में
9 सितंबर को दोपहर करीब 2:03 बजे हृदय को एंबुलेंस में रखा गया। इसके बाद गौतमबुद्धनगर यातायात पुलिस ने ग्रीन कॉरिडोर के जरिए एंबुलेंस को फोर्टिस हॉस्पिटल, सेक्टर-62 तक पहुंचाया।
ट्रैफिक पुलिस की टीम ने रास्ते में यातायात को नियंत्रित किया और एंबुलेंस के लिए रास्ता साफ रखा। इसके चलते एंबुलेंस को रास्ते में रुकना नहीं पड़ा। हिंडन एयरपोर्ट से फोर्टिस हॉस्पिटल तक करीब 20 किलोमीटर की दूरी महज 16 मिनट में पूरी कर ली गई।
पहली बार बनाया गया ग्रीन कॉरिडोर
बताया गया कि गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट में हृदय ट्रांसप्लांट के लिए पहली बार इस तरह का ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया गया। पुलिस और ट्रैफिक टीम के समन्वय से एंबुलेंस को कम से कम समय में अस्पताल तक पहुंचाया गया।
हृदय के सुरक्षित अस्पताल पहुंचने के बाद फोर्टिस हॉस्पिटल के प्रबंधन, स्टाफ, मरीज के परिजनों और आम लोगों ने गौतमबुद्धनगर यातायात पुलिस के प्रयासों की सराहना की।
गौतमबुद्धनगर पुलिस ने भी इस मौके पर अंगदान को ‘महादान’ बताते हुए कहा कि किसी व्यक्ति के अंगदान से दूसरे व्यक्ति को नया जीवन मिल सकता है। पुलिस ने कहा कि जीवन बचाने के ऐसे अभियानों में गौतमबुद्धनगर पुलिस पूरी तरह सहयोग करने के लिए तैयार है।
