आठ की छात्रा को आतंकित कर किया दुष्कर्म, मुकदमा दर्ज

Amit
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हाथरस। रेस्टोरेंट में कक्षा आठ की छात्रा को आतंकित कर उसके साथ दुष्कर्म किया गया। आरोप है कि उसका वीडियो बनाया और फोटो भी खींच लिए। इस मामले में विश्व हिंदू परिषद के नगर अध्यक्ष पर पीड़िता के परिवार को धमकी देने का आरोप लग रहा है। घटना के बाद से छात्रा ने स्कूल जाना बंद कर दिया है। पुलिस ने घटना की रिपोर्ट दर्ज कर दुष्कर्म के आरोपी नीरज को गिरफ्तार कर लिया है।

थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में छात्रा के बाबा ने बताया कि उनकी पौत्री शहर के एक इंटर कॉलेज में आठवीं कक्षा की छात्रा है और उसकी मां शहर से बाहर रहती है। आरोपी युवक उनके मोहल्ले में किराये के मकान में रहता है। 14 नवंबर की सुबह करीब 10 बजे नीरज ने फोन कर उनकी पौत्री को आगरा रोड स्थित एक रेस्टोरेंट में बुलाया और उसे एक कमरे में बंद कर लिया। तमंचा दिखाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। 19 नवंबर को छात्रा की मां हाथरस आई तो उसने उन्हें घटना की जानकारी दी।

पीड़िता के बाबा का आरोप है कि इस संबंध में युवक के परिजनों से वार्ता की तो उन्होंने धमकी दी और युवक ने अपने साथी सचिन अग्रवाल को बुला लिया। दोनों ने धमकी दी कि यदि किसी को घटना के बारे में बताया तो तुम्हारा वो हाल करेंगे, तुम सोच भी नहीं पाओगे। फोटो और वीडियो हमारे पास है। सचिन विहिप की नगर इकाई का अध्यक्ष है और आरोपी उनकी साड़ियों की दुकान पर काम करता था दुष्कर्म के बाद पीड़िता छह दिनों तक सहमी रही। पीड़िता की मां बाहर रहती हैं। जब वह घर पहुंचीं तो बेटी की डरी-सहमी हालत देखी। उन्होंने बेटी से इसका कारण पूछा तो वह मां से चिपक गई और उन्हें रोते हुए पूरी व्यथा बताई।

मां ने जब बेटी की व्यथा सुनी तो उनके होश फाख्ता हो गए। मां ने पूरा वाकया अपने ससुर और पीड़िता के बाबा को बताया। पीड़िता पर दहशत इस कदर हावी थी कि वह इन छह दिनों में स्कूल तक नहीं गई और न हीं किसी को कुछ बताया। जब वह विद्यालय नहीं गई तो बाबा ने उससे कई बार इसका कारण पूछा, लेकिन वह उन्हें भी अपनी पीड़ा बता नहीं सकी। मां के आने के बाद बेटी का हौसला बढ़ा और उसने पूरी घटना की जानकारी उनको दी। इसके बाद मां अपनी बेटी को लेकर कोतवाली पहुंचीं और पुलिस से शिकायत की। इस घटना को लेकर इलाके में भी चर्चाएं रहीं। पीड़िता के बाबा की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर विवचेना की जा रही है। मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
पीड़िता के परिजन मेरी दुकान पर आए थे। मैंने उन्हें बताया था कि आरोपी युवक को दिवाली पर ही काम से निकाल दिया है। मेरा उससे कोई मतलब नहीं है। इसके बावजूद भी मेरा नाम रिपोर्ट में शामिल किया है।
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