गाजियाबाद। गाजियाबाद में नगर निगम का दावा है कि 30 जून से पहले सभी नालों की सफाई का कार्य पूरा हो गया है। हालांकि, कुछ नालों में कचरा इतना अधिक भरा है कि लोग वर्षा के दौरान जलभराव की स्थिति का अनुमान लगा रहे हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि नगर निगम ने इन नालों की सफाई नहीं की है। निगम ने 55 जलभराव वाले स्थानों को चिह्नित किए थे, पर यहां जलभराव से निपटने के लिए उठाए कदमों का सही जवाब मानसून के दौरान ही मिलेगा।
220 से अधिक कर्मचारी लगाए गए
नगर निगम हर वर्ष कांट्रेक्ट कंपनियों से नालों की सफाई कराता था, पर इन कंपनियों पर आरोप लगते रहे हैं कि उनके कर्मचारी केवल खानापूरी करते हैं। इस बार नगर निगम ने अपने संसाधनों से नालों की सफाई का कार्य स्वयं करने का निर्णय लिया। निगम ने 22 मिनी, एक बड़ी व एक मीडियम पोकलेन, 10 फासिंग मशीन, 21 बुलडोजर व 19 हाईवा का उपयोग किया। सफाई कार्य में 220 से अधिक कर्मचारी लगाए गए।
अधिकारियों का दावा है कि इस बार निगम ने अपने संसाधनों से सफाई कर 4.4 करोड़ रुपये बचाए हैं। निगम का दावा है कि सभी नालों की सफाई हो गई है, जबकि मौके पर अभी भी कुछ नाले सिल्ट व कचरे से भरे हैं। उधर, इस संबंध में नगर निगम के नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा.मिथिलेश ने बताया कि नालों की सफाई हो चुकी है। सिल्ट उठाने का काम चल रहा है।
कूड़े से लबालब भरा नाला
पंजाब आयल एक्सपेलर कंपाउंड में नाले में इतना कचरा भरा है कि यह नाला और कचरे का ढेर एकसमान लगता है। वर्षा के दौरान इस नाले में पानी आगे बढ़ने की बजाय पीछे की ओर बहेगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि नाला साफ नहीं होने के कारण यहां जलभराव की स्थिति बनने का खतरा है। गत वर्ष भी यहां जलभराव हुआ था।
न्यू आर्य नगर व लोहिया नगर का नाला बना नासूर
न्यू आर्य नगर और लोहिया नगर के नालों में भी सफाई की स्थिति चिंताजनक है। यदि समय रहते सफाई नहीं की गई, तो जलभराव की समस्या से स्थानीय निवासियों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
जर्जर हो रहे 404 सीवर मैनहोल होंगे दुरुस्त
जीडीए से नगर निगम को हस्तांतरित तीन कालोनियों में 404 जर्जर सीवर मैनहोल की मरम्मत होगी। इस कार्य पर लगभग 25.16 लाख रुपये खर्च होंगे, जिससे सीवर व्यवस्था में सुधार होगा।
नगर निगम के जलकल विभाग ने सर्वे के बाद सर्वाधिक क्षतिग्रस्त मैनहोल को प्राथमिकता दे उनकी मरम्मत के लिए चयन किया है। तीनों कालोनियों में कुल मैनहोल का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा खराब है।
कर्पूरीपुरम के बी-ब्लाक में 200 में से 80 मैनहोल की मरम्मत होगी, जिस पर 5.40 लाख रुपये खर्च होंगे। विजय नगर क्षेत्र स्थित भाऊराव देवरस कालोनी के ए व के ब्लाक में 260 में से 104 मैनहोल की मरम्मत होगी। इस पर 6.99 लाख रुपये खर्च होंगे।
कविनगर जोन के स्वर्ण जयंतीपुरम में बी, सी, डी व जी ब्लाक में 544 में से 220 मैनहोल की मरम्मत होगी, जिस पर 12.77 लाख रुपये खर्च होंगे। मैनहोल के क्षतिग्रस्त होने से सीवर की सफाई व रखरखाव प्रभावित हो रहा था। टूटे व धंसे मैनहोल से हादसे भी हो रहे थे।
जलकल विभाग के महाप्रबंधक केपी आनंद ने बताया कि जीडीए से कालोनियां हस्तांतरित होने के साथ उनके रखरखाव के लिए मिली धनराशि से मैनहोल की मरम्मत कराई जाएगी।

