ग्रेटर नोएडा: ई-सिटी बसों का न्यूनतम किराया अब 10 रुपये करने की तैयारी है। साथ ही रूट भी बदले जाएंगे। जिले की तीनों अथॉरिटी और परिवहन विभाग मिलकर इन बसों की ऑनलाइन ट्रैकिंग करेंगे। उसके बाद हर रूट की एक-एक बस का डेटा अधिकारियों को मिल सकेगा। इससे यह पता चल सकेगा कि किस रूट पर सवारी कम मिल रही हैं। इसके आधार पर रूटों में संशोधन किया जाएगा। यह बदलाव अथॉरिटी और परिवहन विभाग मिलकर करेंगे। अथॉरिटी को हर बस की ट्रैकिंग का एक्सेस भी मिलेगा।
19 रूटों पर बसें चल रही हैं
नोएडा, ग्रेनो और यमुना अथॉरिटी सिटी बसें चला रही हैं। 12 जून से शुरू हुई इस सेवा में 100 बसें चलाई जा रही हैं। ये बसें 19 रूटों पर चल रही हैं। नोएडा, ग्रेटर
नोएडा और यमुना अथॉरिटी क्रमशः 50, 25 और 25 बसें चला रही हैं। परिवहन विभाग अब इन बसों की ट्रैकिंग का एक्सेस भी देगा, ताकि निगरानी रख सकें। यमुना अथॉरिटी के एसीईओ राजेश कुमार ने कहा कि अपने रूटों में गांवों को जोड़ा है, इसलिए फायदा मिला है। अब इसमें जहां गुंजाइश होगी, बदलाव जाएगा।
कस्बों से जोड़ने की तैयारी
ग्रेनो अथॉरिटी की एसीईओ प्रेरणा सिंह ने बताया कि बसों की किराया सूची में भी बदलाव करने पर विचार किया जा रहा है। न्यूनतम कराया 10 रुपये करने की प्लानिंग है। इससे अधिक लोग सफर कर सकेंगे। आने वाले दिनों में बसें बढ़ाकर सेक्टरों और आसपास के कस्बों को इस सेवा से जोड़ने की योजना है।

