दिल्ली में लाखों की चोरी का खुलासा, घर की नौकरानी ने रिश्तेदारों के साथ मिलकर की वारदात

News Desk
5 Min Read

बाहरी दिल्ली। रोहिणी सेक्टर-16 में घर में हुई लाखों रुपये के आभूषण व नकदी चोरी की वारदात की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। चोरी की मास्टरमाइंड कोई और नहीं, घरेलू सहायिका निकली। घरेलू सहायिका ने अपने रिश्तेदार (बेटे के साले) के साथ मिलकर चोरी की योजना बनाई।

रिश्तेदार ने अपने दो साथियों के साथ चोरी की वारदात को अंजाम दिया। आरोपित रिश्तेदार व उसके दोनों साथी बाराबंकी (उत्तर प्रदेश) के रहने वाले हैं। बाद में आरोपित ने चोरी की अंगूठी को बाराबंंकी में एक जौहरी को बेच दी।

पुलिस ने घरेलू सहायिका, जौहरी व दो अन्य को गिरफ्तार कर लिया है। महिला का रिश्तेदार अभी फरार है। घरेलू सहायिका का पुलिस वैरिफिकेशन नहीं कराया गया था।

बवाना में केबल बनाने के व्यवसाय से जुड़े सुशील गर्ग ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह परिवार के साथ रोहिणी सेक्टर-16 में रहता है। शनिवार को परिवार की साप्ताहिक छुट्टी थी, इसलिए वह अपनी पत्नी और बेटे के साथ बाजार गए थे।

96 वर्षीय मां की देखभाल के लिए घरेलू सहायिका निर्मला घर में रुकी थी। इसी दौरान पड़ोसी ने उनके घर में चोरी की सूचना दी। घर पहुंचे तो घरेलू सहायिका ने चोरी के बारे में कोई जानकारी होने से इन्कार किया। निर्मला पिछले तीन साल से व्यवसायी के घर पर नौकरी कर रही थी। इससे पहले पांच साल निर्मला से व्यवसायी की बहन के यहां घरेलू सहायिका के तौर पर काम कर चुकी है।

आटोमैटिक लाकिंग सिस्टम से लैस गेट खुला मिला तो गहराया शक

रोहिणी जिला पुलिस उपायुक्त शशांक जायसवाल ने बताया कि घर के बाहर और आस-पास लगे कैमरों के सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई तो तीन संदिग्ध को घर में घुसते हुए देखे गए।

चूंकि, घर के मुख्य द्वार पर आटोमैटिक लाकिंग सिस्टम लगा था, लेकिन घटना के समय वह खुला हुआ था, जिससे घरेलू सहायिका पर शक हुआ। उसके मोबाइल फोन की डिटेल्स निकाली गईं और जांच की तो पता चला कि घटना से कुछ समय पहले उसने एक खास मोबाइल नंबर पर कई काल किए थे।

पूछताछ के दौरान उसने अपने रिश्तेदारों के साथ मिलकर चोरी की योजना बनाने में अपनी भूमिका स्वीकार की। हैदरपुर के अंबेडकर नगर की रहने वाली निर्मला पिछले तीन से साल से नौकरी कर रही थी, इसलिए उसे परिवार की आर्थिक स्थिति, घर की दिनचर्या और आने-जाने के समय के बारे में जानकारी थी।

जिला पुलिस उपायुक्त् ने बताया कि निर्मला ने अपने बेटे के साले अखिलेश उर्फ अक्कू के साथ योजना बनाई। अखिलेश हैदरपुर में निर्मला के साथ ही रह रहा था। अखिलेश ने बाराबंकी के गोरपुर गांव के रहने वाले अपने दोस्त विकास वर्मा उर्फ बादल और सनी मिश्रा निवासी गांव सदुल्लापुर को बुलाया।

दोनों निर्मला के घर पर रुके। घटना के दिन निर्मला ने मुख्य दरवाजा खुला रखा। इसके बाद अखिलेश, विकास और सनी घर में घुसे और कैश व गहने चुराकर फरार हो गए। चोरी के बाद तीनों हैदरपुर में निर्मला के घर से गए।

इसके बाद विकास और सनी बाराबंकी चले गए। पुलिस बाराबंकी में विकास वर्मा उर्फ बादल और सनी मिश्रा को उनके घरों से पकड़ा गया और चोरी किए गए सोने और हीरे के गहने व 2.22 लाख नकद बरामद किए गए।

आरोपित से पांच सोने की चूड़ी, चार अंगूठी, चेन और हीरा व सोने के चार टाप्स व चांदी के आभूषण बरामद किए।

जांच में यह भी पता चला कि विकास ने चोरी की एक सोने की अंगूठी बाराबंकी के एक जौहरी को बेची थी। इसके बाद पुलिस ने ज्वेलर राजकुमार सोनी को पकड़ लिया गया।

उन्होंने बताया कि निर्मला, विकास, सनी और राज कुमार सोनी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। आरोपित अखिलेश उर्फ अक्कू काे पुलिस ढूंढ रही है।

Share This Article
Leave a Comment