गाजियाबाद। दिल्ली की ओर आ रही नेताजी एक्सप्रेस पर गाजियाबाद रेलवे स्टेशन से निकलने के बाद हुए पथराव के मामले में जीआरपी ने चार महीने बाद अज्ञात के खिलाफ एफआइआर दर्ज की है।
पत्थर लगने कोच का शीशा टूट गया था और उसके टूटे कांच से एक महिला यात्री के पैर की उंगली में चोट आई थी। हालांकि महिला ने कानूनी कार्रवाई से इनकार कर दिया था लेकिन जीआरपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए खुद अपनी तरफ से रिपोर्ट दर्ज दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घटना 16 फरवरी 2026 की है। ट्रेन संख्या 12311/13051 नेताजी एक्सप्रेस गाजियाबाद जंक्शन से दिल्ली की ओर रवाना हुई थी। स्टेशन से निकलने के कुछ ही देर बाद कोच एस-6 पर किसी अज्ञात व्यक्ति ने पत्थराव कर दिया।
पत्थर लगने से कोच की खिड़की का शीशा चटक गया और उसके कांच के टुकड़े महिला यात्री सुमाया के पैर की उंगली में लगे। जिससे वह घायल हो गईं। उस समय वह अपने पति याकूब के साथ कोलकाता से दिल्ली की यात्रा कर रही थीं।
जीआरपी में तैनात कांस्टेबल योगेश कुमार की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट में बताया गया कि मामले की गहन जांच के दौरान घायल महिला और उनके पति से फोन पर संपर्क किया गया। दोनों ने बताया कि चोट गंभीर नहीं है। वह किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई नहीं चाहते।
धारा 152 में मुकदमा दर्ज कर लिया
जीआरपी ने अज्ञात आरोपित के खिलाफ रेलवे अधिनियम की धारा 152 में मुकदमा दर्ज कर लिया। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक उमेश राम को सौंपी गई है। पुलिस अब घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों, स्थानीय लोगों से पूछताछ और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पथराव करने वाले की पहचान करने का प्रयास कर रही है।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि चलती ट्रेनों पर पथराव यात्रियों की जान के लिए बड़ा खतरा है। ऐसी घटनाओं में कांच टूटने से यात्रियों को गंभीर चोट लग सकती है।जीआरपी ऐसे मामलों में शिकायत न मिलने पर भी स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई की है।
